गाज़ियाबाद

रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष योजनान्तर्गत पीड़िताओं को आर्थिक सहायता दिये जाने

जिलाधिकारी ने चिकित्सा विभाग की कड़े शब्दों में लगाई फटकार

कार्य में लापरवाही बरतने वालों पर होगी सख्त कार्यवाही, 03 दिनों में कार्य पूर्ण कर प्रस्तुत करें आख्या: जिलाधिकारी

गाजियाबाद। महात्मा गांधी सभागार, कलेक्ट्रेट में रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष योजनान्तर्गत पीड़िताओं को आर्थिक सहायता दिये जाने पर विचार विमर्श किये जाने हेतु योजनान्तर्गत जनपद स्तर पर गठित जिला संचालन समिति गाजियाबाद की बैठक जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आहूत की गई। योजना के सदस्य सचिव जिला प्रोबेशन अधिकारी गाजियाबाद ने जिला संचालन समिति के पोर्टल पर नोडल पुलिस अधिकारी एवं नोडल चिकित्सा अधिकारियों की अपलोड की गई आख्या सहित प्राप्त 188 प्रकरणों को समिति के समक्ष विचार विमर्श हेतु प्रस्तुत किया। प्रस्तुत प्रकरणों में से धारा 304 बी के 08 प्रकरणों एवं पोक्सो अधिनियम की धारा-4 के अन्तर्गत प्राप्त 03 प्रकरणों पर नोडल पुलिस अधिकारी आख्या एवं नोडल चिकित्साधिकारी के अभिमत के आधार पर 11 प्रकरणों पर स्वीकृति की सहमति व्यक्त की गई। 131 प्रकरणों पर नोडल चिकित्सा अधिकारी का अभिमत नो (नहीं) अंकित होने के कारण जिलाधिकरी महोदय द्वारा कड़ा रोष व्यक्त किया गया और चिकित्सा विभाग की कड़े शब्दों में फटकार लगाते निर्देश दिये गये कि यह स्थिति अतयन्त खेदजनक है और इससे ऐसा प्रतीत होता है कि नोडल चिकित्साधिकारी द्वारा पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट एवं पुलिस विभाग द्वारा अपलोड प्रथम सूचना रिपोर्ट परिक्षण नहीं किया गया है और सामान्य दृष्टिकोण अपनाते हुये रिपोर्ट में नो अंकित कर दिया गया है। इसके साथ ही चिकित्सा विभाग, जिला संयुक्त चिकित्सालय पर 205 प्रकरण एवं जिला महिला चिकित्सालय पर 380 प्रकरण मेडिकल रिपोर्ट (नोडल चिकित्सा अधिकारी का अभिमत) कुल 585 प्रकरणों पर अंकित किये जाने हेतु लम्बित है। जिलाधिकारी महोदय द्वारा पूर्व के 131 प्रकरणों पर पुनः चिकित्सा रिपोर्ट एवं प्रथम सूचना रिपोर्ट का भलीभाँति परिक्षण कर नोडल चिकित्साधिकारी का अभिमत अंकित करने के साथ ही नोडल चिकित्साधिकारियों को अवशेष कुल 585 प्रकरणों पर अपना अभिमत 03 दिन के अन्दर अंकित करने के निर्देश दिये गये। साथ ही मुख्य चिकित्साधिकारी को अन्तरविभागीय बैठक कर लम्बित प्रकरणों को निस्तारण कराने हेतु पत्र जारी करने के निर्देश दिये गये। उक्त योजना के प्रभावी क्रियन्वयन हेतु मासिक बैठक कराने के निर्देश दिये गये। बैठक में संयुक्त निदेशक, अभियोजन, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रतिनिधि, जिला प्रोबेशन अधिकारी, गाजियाबाद एवं पुलिस विभाग के अधिकरी गण उपस्थित रहे।

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