
हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करते हुए, भारतीय और अमेरिकी नौसेनाओं ने हाल ही में डिएगो गार्सिया के पास एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय अभ्यास किया। यह सैन्य अभ्यास मुख्य रूप से पनडुब्बी रोधी युद्ध (Anti-Submarine Warfare – ASW) पर केंद्रित था, जिसका उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच अंतरसंचालनीयता और समुद्री जागरूकता को बढ़ाना था। यह क्षेत्र हिंद-प्रशांत की भू-राजनीति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, खासकर इस द्वीप पर अमेरिका-ब्रिटेन का एक बड़ा नौसैनिक और वायु बेस होने के कारण। डिएगो गार्सिया की रणनीतिक स्थिति को देखते हुए, यह अभ्यास चीन की बढ़ती समुद्री उपस्थिति के बीच एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र को सुनिश्चित करने के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस तरह के संयुक्त अभ्यास सहयोगियों और साझेदारों के साथ मिलकर काम करने की अमेरिकी रणनीति का हिस्सा हैं, जिससे समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह अभ्यास न केवल दोनों देशों के बीच मजबूत रक्षा संबंधों को उजागर करता है, बल्कि हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा चुनौतियों का सामूहिक रूप से जवाब देने की उनकी क्षमता को भी मजबूत करता है।



