चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल: दिल्ली में ₹2,50,000 के पार पहुँचा भाव, अंतरराष्ट्रीय तनाव मुख्य कारण

दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों ने आज सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और यह ₹2,50,000 प्रति किलोग्राम के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गई है। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशकों का रुझान ‘सुरक्षित निवेश’ के रूप में कीमती धातुओं की ओर तेजी से बढ़ा है। केवल पिछले कुछ सत्रों में ही चांदी की कीमतों में ₹6,500 से ₹11,000 प्रति किलो तक की भारी बढ़त दर्ज की गई है। दिल्ली में आज का भाव विभिन्न बाजारों में ₹2,50,000 से लेकर ₹2,60,000 प्रति किलोग्राम के बीच बोलबाला बनाए हुए है, जिससे यह आम खरीदारों की पहुँच से दूर होती जा रही है।
कीमतों में इस तूफानी तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी अस्थिरता सबसे बड़ा कारक है। अमेरिका द्वारा वेनेजुएला में सैन्य हस्तक्षेप और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वैश्विक स्तर पर आपूर्ति संकट (Supply Shortage) गहरा गया है। इसके अलावा, चीन द्वारा 1 जनवरी 2026 से चांदी के निर्यात पर कड़े प्रतिबंध लगाने और अमेरिका द्वारा इसे ‘महत्वपूर्ण खनिज’ की श्रेणी में डालने से बाजार में घबराहट का माहौल है। सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में चांदी की भारी औद्योगिक मांग ने भी आग में घी का काम किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक तनाव कम नहीं होता, तब तक कीमतों में सुधार की संभावना कम है।
सराफा विशेषज्ञों और निवेशकों के लिए यह स्थिति मुनाफ़ा वसूली और नए निवेश के बीच असमंजस पैदा कर रही है। दिल्ली के सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि ऊंचे दामों के कारण शादियों के सीजन के बावजूद खुदरा मांग में कमी आई है, लेकिन निवेशक अभी भी इसे भविष्य के लिए सुरक्षित मान रहे हैं। चांदी ने वर्ष 2025 में 140% से अधिक का रिटर्न दिया था, और 2026 की शुरुआत भी इसी तरह की तेज बढ़त के साथ हुई है। वर्तमान में चांदी अंतरराष्ट्रीय बाजार में $76 प्रति औंस के पार कारोबार कर रही है। यदि यही रुझान जारी रहा, तो बाजार विश्लेषकों का अनुमान है कि चांदी जल्द ही ₹3,00,000 प्रति किलोग्राम के नए शिखर को भी छू सकती है।



