ज़ोन 3 में कॉलोनाइजर का कारनामा
जीडीए और राजस्व विभाग को ठेंगे पर रखकर कार्य शुरू

सरकारी नाले को तोड़कर निकाल दी सड़क
- बड़े पैमाने पर कच्ची कॉलोनी बसाने का कार्यक्रम आरम्भ
- डासना के मयूर विहार में प्लॉटिंग का खेल
- भूमाफियाओं पर पहले भी हुआ था मुकदमा दर्ज
गाजियाबाद। मुख्यमंत्री के आदेश को पलीता लगाते हुए कॉलोनाइजर बड़े पैमाने पर कॉलोनी बसाते हुए दिखाई दे रहे हैं, तो वहीं मयूर विहार क्षेत्र में कच्ची कॉलोनी बसाने का सिलसिला भी शुरू कर दिया है । हालांकि जहां प्रदेश के मुख्यमंत्री लगातार अवैध रूप से चल रहे कार्य पर लगाम लगाने के लिए दिशा निर्देश दे रहे हैं । वहीं गाजियाबाद विकास प्राधिकरण और राजस्व विभाग की टीम को आईना दिखाते हुए कॉलोनाइजर कच्ची कॉलोनी बसाने का कार्य कर रहे हैं। यही नहीं कॉलोनाइजर ने बाकायदा सरकारी नाले को तोड़कर वहां से सड़क बनाने का कार्य भी किया, जिसे देखने और सुनने वाला कोई नजर नहीं आया और जिला प्रशासन और जीडीए की टीम गांधी के तीन बंदर की तरह चुपचाप बैठकर देख रही है।

स्थानीय शिकायतकर्ता के अनुसार बताया जा रहा है कि मयूर विहार क्षेत्र में वलोनाइजरो द्वारा कच्ची कॉलोनी बसाने का कार्य शुरू किया गया है। हालांकि जिला प्रशासन की टीम द्वारा कार्य को पूर्व में बंद करने का कार्य किया था और कॉलोनाइजरों द्वारा कार्य को बंद कर दिया गया था। क्योंकि उक्त भूमि पर रास्त की व्यवस्था नहीं थी। इसी बीच कॉलोनाइजरों द्वारा एक बार फिर रास्ता निकालने के उद्देश्य से सरकारी नाले को तोड़ने का कार्य किया और वहां से सड़क बनाने शुरू कर दी है। शिकायत के बावजूद भी कोई सुनवाई नहीं हुई है और कॉलोनाइजर कच्ची कॉलोनी बसाने का कार्य कर रहे हैं। कुछ सरकारी भूमि भी उसमें मौजूद है। यानी कहीं ना कहीं एलएमसी की जमीन पर भी भूमाफियाओ द्वारा कब्जा कर प्लॉटिंग का कार्य कर रहे हैं। शिकायत करने के बावजूद भी गाजियाबाद विकास प्राधिकरण और राजसव की टीम को कोई कार्य होता हुआ दिखाई नही दे रहा। हालांकि इस मामले में अब मुख्यमंत्री से शिकायत करने की बात भी कर की जा रही है। शिकायतकर्ता के अनुसार पूर्व में सभी भूमाफियाओं के खिलाफ सरकारी संपत्ति और सीलिंग की जमीन पर कब्जा करने का मामला भी दर्ज कराया गया था। वही सब भूमाफिया सरकारी नाले को तोड़कर वहां पर सड़क बनाने का कार्य करते हुए प्लाटिंग का कार्य करते हुए नजर आ रहे हैं।



