उत्तर प्रदेशहापुड़

-डॉन को पकडऩा मुश्किल ही नहीं नाममुकिन हो रहा

  • -डीआईजी ने 50 हजार का इनाम घोषित किया
  • -पत्नी शाजिया की हत्या कर फरार हुआ था डॉन
  • -कोई सुराग न लगने पर हुई थी घर की कुर्की
  • -दो भाई और बहन समेत मामा को भी जाना पड़ा था जेल
  • -खोजबीन में जुटी पुलिस को नहीं मिल रही कोई सफलता

प्रिंस शर्मा

गढ़मुक्तेश्वर,। अपनी ही पत्नी का कत्ल करने के बाद फरार हुए डॉन को पकडऩा पुलिस के लिए मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन साबित हो रहा है। पुलिस द्वारा हरसंभव प्रयास करने के बाद भी कोई सुराग न लगने पर डीआईजी ने डॉन की गिरफ्तारी पर 50 हजार का इनाम घोषित किया है।

गढ़ के मोहल्ला मदरसा में रहने वाला जीशान उर्फ डॉन खाकी के लिए बड़ी चुनौती साबित हो रहा है, जिसे पकडऩा पुलिस के लिए मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन साबित हो रहा है। 27 अप्रैल की रात में डॉन हापुड़ के मोहल्ला मजीदपुरा से अपनी पत्नी शाजिया को लेकर गढ़ में आया था, जिसने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पीछे वाले सुनसान जंगल में बाद के अंदर ले जाकर उसी के दुपट्टे से गला घोटकर निर्मम ढंग में हत्या कर डाली थी। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद डॉन मौके से फरार हो गया था, जिसकी धरपकड़ को लेकर हरसंभव प्रयास करने के बाद भी गिरफ्तारी  तो दूर बल्कि कोई सुराग तक लग पाना संभव नहीं हो पा रहा है।

-डीआईजी ने इनाम की रकम बढ़ाकर 50 हजार कर दी

अपनी ही पत्नी के कातिल जीशान उर्फ डॉन पर एसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने पिछले साल 20 हजार का इनाम घोषित किया था, परंतु इसके बाद भी गिरफ्तारी तो दूर बल्कि उसका कोई सुराग तक लग पाना मुमकिन नहीं हो पा रहा है। इसी के चलते डीआईजी कलानिधि नैथानी ने इनाम की राशि बढ़ाकर 50 हजार कर दी है।

–अदालत के आदेश पर पहले ही हो चुकी है घर की कुर्की

पत्नी के कातिल डॉन की गिरफ्तारी तो दूर बल्कि कोई सुरागरसी तक संभव नहीं हो पा रही है। दबाव बढ़ाने के उद्देश्य से पुलिस ने अदालत से आदेश लेकर पिछले साल ही उसके घर की कुर्की करते हुए सामान को एक पड़ोसी की सुपुर्दगी में सौंप दिया था।

–दो भाई और बहन समेत मामा को भी जाना पड़ा था जेल

पत्नी शाजिया का कातिल जीशान उर्फ डॉन भले ही अभी तक पुलिस की गिरफ्त में आना संभव नहीं हो पाया है, परंतु परिजनों से लेकर रिश्तेदारों को भी उसकी इस काली करतूत का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। मृतका के परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने डॉन के दो भाई, एक बहन समेत मामा तसलीम कुरैशी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जो कई माह तक जेल के सींखचों में बंद रहने के बाद फिलहाल जमानत पर रिहा चल रहे हैं।

–मोबाइल का इस्तेमाल न करना डॉन के लिए हो रहा मददगार साबित

पत्नी के कातिल डॉन की गिरफ्तारी के लिए पुलिस विभाग हरसंभव प्रयास करता आ रहा है, जिसके तहत क्राइम ब्रांच और सर्विलांस से लेकर सभी डिपार्टमेंट बड़ी गहनता से लगे हुए हैं। परंतु डॉन मोबाइल का कभी इस्तेमाल नहीं करता था, जिसके चलते पुलिस अंधेरे में तीर चलाकर अभी तक पूरी तरह विफल साबित हो रही है।

–परिजनों की मर्जी के बिना किया था निकाह

रोजगार की तलाश में जीशान उर्फ डॉन छोटी उम्र में ही हापुड़ चला गया था, जहां ठेली पर फल बेचने के दौरान शाजिया के साथ प्रेम परवान चढ़ गया। दोनों ने अपने परिजनों की मर्जी को ताक पर रखते हुए निकाह कर लिया था।

–गर्दन में गोली खाने के बाद भी शाजिया ने ही कराई थी जमानत

जीशान डॉन सूखा नशा करने का आदी था, जो घर में झगड़ा फसाद करने के साथ ही बात बात पर शाजिया से मारपीट करता रहता था। करीब ढाई साल पहले उसने शाजिया पर जानलेवा हमला करते हुए गर्दन में गोली मार डाली थी, परंतु काफी दिनों तक चले इलाज के बाद शाजिया की जान बच गई थी। ठीक होने के बाद शाजिया ने ही जेल में बंद अपने पति डॉन की जमानत कराई थी, परंतु उसे क्या पता था कि आगे चलकर वही उसे मौत की नींद सुला देगा।

Sandeep Singhal

संदीप सिंघल गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वे लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए सामाजिक, प्रशासनिक एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ उठाते आ रहे हैं। उनकी लेखनी तथ्यात्मक, निर्भीक और जनभावनाओं को प्रतिबिंबित करने वाली मानी जाती है।

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