
- : सिलिंडर के लिए करना होगा 25 दिनों का इंतजार
- :नए नियम और महंगी गैस से उपभोक्ताओं की बढ़ी परेशानी
राशिद अली
मुरादनगर। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग का असर रसोई गैस पर भी पड़ने लगा है। गैस को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है। सप्लाई प्रभावित होने की आशंका के चलते नगर की गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भीड़ उमड़ रही है। कंपनी ने गैस देने के नियमों भी बदलाव कर दिया है। अब 25 दिन से पहले घरेलू उपभोक्ताओं को सिलिंडर नहीं मिलेगा।उपभोक्ताओं का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए भविष्य में गैस की किल्लत हो सकती है, इसलिए लोग पहले से ही सिलिंडर लेने के लिए एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं। इधर शनिवार से घरेलू गैस सिलिंडर के दाम में 60 रुपये और कामर्शियल सिलिंडर के दाम में 115 रुपये की बढ़ोतरी होने से लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले से ही महंगाई का असर है, ऐसे में गैस की कीमत बढ़ने से घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।इस बीच कंपनी की ओर से गैस वितरण को लेकर नए नियम भी लागू कर दिए गए हैं। अब बिना केवाईसी वाले ग्राहकों को गैस सिलिंडर नहीं दिया जाएगा। साथ ही कंपनी ने 25 दिन से पहले किसी भी उपभोक्ता को गैस सिलिंडर की आपूर्ति करने पर प्रतिबंध लगा दिया है, जबकि पहले यह अवधि केवल 15 दिन थी। नए नियम लागू होने से कई उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल सप्लाई सामान्य होने के बावजूद गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भीड़ बनी हुई है।
घरेलू सिलेंडर 60 रुपये महंगा, रसोई और होटल कारोबार प्रभावित:
रसोई पर एक बार फिर बोझ बढ़ गया है। एलपीजी सिलेंडरों की कीमत में बढ़ोतरी कर दी है। शनिवार से लागू नई दरों के अनुसार घरेलू और वाणिज्यिक दोनों श्रेणियों के सिलेंडर महंगे हो गए हैं। सबसे अधिक उपयोग होने वाला 14.2 किग्रा का घरेलू एलपीजी सिलेंडर 850.50 रुपये से बढ़कर 910.50 रुपये हो गया है। यानी उपभोक्ताओं को अब हर सिलेंडर पर 60 रुपये अधिक चुकाने पड़ेंगे। नई दरों के अनुसार छोटे सिलेंडरों की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई है। यही नहीं व्यावसायिक सिलेंडरों की कीमतों में भी वृद्धि हुई है, जिससे होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट कारोबार की लागत बढ़ सकती है।
फुटपाथ विक्रेताओं और छोटे कारोबारियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले एफटीएल सिलेंडरों की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई है। एलपीजी की कीमत में यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर घरेलू बजट को प्रभावित करेगी। वहीं कमर्शियल सिलेंडरों की कीमत बढ़ने से होटल, ढाबों और खानपान के कारोबार में लागत बढ़ेगी, जिसका असर आने वाले दिनों में विभिन्न खाद्य पदार्थों की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
वैवाहिक आयोजनों पर भी पड़ेगा असर:
यदि गैस सिलिंडर की समस्या इसी तरह बनी रही तो आने वाले समय में वैवाहिक व अन्य आयोजनों पर भी इसका सीधा असर पड़ सकता है। ऐसे आयोजन में लोगों को ज्यादा गैस सिलिंडर की जरूरत होती है। अब सिलिंडर मिलेगा नहीं तो कार्यक्रम रद्द भी हो सकते हैं। लोगों को समस्याओं का भी सामना करना पड़ेगा।दुकानों पर भी घरेलू व कमर्शियल गैस सिलिंडर का प्रयोग हो रहा है। लोग गैस एजेंसियों पर नियमित रूप से सिलिंडर भरवाने के लिए आ रहे हैं लेकिन मांग के अनुसार सप्लाई नहीं आ रही। जिस कारण उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बुकिंग बढ़ने से सर्वर हो रहे डाउन:
गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि अभी घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है। सप्लाई भी निरंतर की जा रही है। सरकार ने बुकिंग के 25 दिन बाद ही नया सिलिंडर बुक करने का नियम लागू किया है। इससे घबराकर लोगों में बुकिंग करने की होड़ मच गई है। इसका सीधा असर कंपनियों के सर्वर पर पड़ा और वे डाउन हो गए। सर्वर डाउन होने पर बुकिंग नहीं होने से घबराए लोग एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं। सर्वर डाउन होने से भी पहले बुक हुए सिलिंडर पहुंचने में समस्या आ रही है। घरेलू गैस को लेकर लोग बेवजह परेशान हो रहे हैं।
बंद कनेक्शन भी चालू कराने पहुंच रहे लोग:
गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि कई लोगों के गैस कनेक्शन कई साल से बंद चल रहे थे। अब घरेलू गैस को लेकर पैदा हुए भ्रम के बीच लोग उन कनेक्शनों को चालू कराने एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं। इससे भी सर्वर पर लोड पड़ रहा है और लोगों के बंद कनेक्शन चालू नहीं हो रहे हैं। एजेंसियों पर ऐसे लोगों की भीड़ भी जुट रही है।
मुरादनगर में गैस एजेंसियों पर बुकिंग कराने को मची होड़:
अमेरिका-इस्राइल और ईरान युद्ध का असर गैस संकट के रूप में सामने आ रहा है। 25 दिन के अंतराल पर घरेलू गैस की बुकिंग का नियम आने से लोगों में अफरा-तफरी मच गई है। ऑनलाइन गैस सिलिंडर बुक करने की होड़ सी मच गई है। इससे गैस कंपनियों के सर्वर डाउन होने लगे हैं। गैस एजेंसियों पर लाइन लगने लगी है। लोगों का कहना है कि बुकिंग के बाद भी गैस मिलने में देरी हो रही है।

गैस की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई: डीएम रविंद्र कुमार मॉंदड़
जिला प्रशासन ने घरेलू गैस की कमी से इन्कार किया है। डीएम गाजियाबाद रविंद्र कुमार मॉंदड़ ने गैस की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। डीएम ने कहा कि गाजियाबाद में ईधन की कोई कमी नहीं, कालाबाजारी करने वालों पर की जाएगी कठोर कार्रवाई। भ्रामक सूचनाओं में ना आए। भ्रामक एवं तथ्यविहीन सूचना देने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई। डीएम रविंद्र कुमार मॉंदड़ का कहना है कि कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए चार टीमें गठित की गई हैं। जमाखोरी करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इसके साथ ही इंटरनेट मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है, यदि कोई व्यक्ति अफवाह फैलाता है तो उसके खिलाफ भी विधिक कार्रवाई की जाएगी।



