उत्तराखंड

आंधी-तूफान और बारिश से गेहूं-सरसों की फसल को भारी नुकसान, किसानों की बढ़ी चिंता

हरिद्वार, लक्सर क्षेत्र में रविवार देर रात आई तेज आंधी-तूफान और बारिश ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। तेज हवा के साथ हुई बारिश से कई गांवों में खेतों में खड़ी गेहूं और सरसों की फसल जमीन पर गिर गई, जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका है।

फेरपुर, धनपुरा, धारीवाला, बादशाहपुर, शाहपुर शीतलाखेड़ा, रानीमाजरा, भोगपुर, भिक्कमपुर, रायसी, सुल्तानपुर, लक्सर और खानपुर समेत आसपास के कई गांवों में तेज हवा के कारण गेहूं और सरसों की फसल खेतों में गिर गई। इस समय गेहूं की फसल में बालियां निकल चुकी हैं और फसल पकने की कगार पर है। ऐसे में फसल के जमीन पर गिरने से दाना काला पड़ने और उत्पादन घटने की आशंका बढ़ गई है।

वहीं सरसों की फसल भी लगभग पक चुकी थी। कई किसानों ने कटाई कर फसल को खेतों में ही डाल रखा था, लेकिन अचानक आई बारिश और आंधी से सरसों की फसल भीग गई। कुछ स्थानों पर हल्की ओलावृष्टि भी होने की जानकारी मिली है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।

किसान संजय सैनी, सरदार तेजिंदर,मांगेराम, हरेंद्र सिंह,योगेश सैनी, सुशील कुमार, राधेलाल सैनी, विजयपाल, राजबीर, मेहरबान और मकसूद सहित कई किसानों का कहना है कि तेज हवा और बारिश से गेहूं-सरसों की फसल भूमि पर गिर गई है। इससे फसल का दाना काला पड़ सकता है, जिसके कारण व्यापारी गेहूं और सरसों को औने-पौने दामों में खरीदते हैं। इससे किसानों को काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

किसानों ने प्रदेश सरकार और प्रशासन से फसल नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।इस संबंध में कृषि विभाग के ब्लॉक अधिकारी मोहित कुमार ने बताया कि क्षेत्र में फसलों को हुए नुकसान की जानकारी किसानों से ली जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर विभाग द्वारा सर्वे कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Sandeep Singhal

संदीप सिंघल गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वे लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए सामाजिक, प्रशासनिक एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ उठाते आ रहे हैं। उनकी लेखनी तथ्यात्मक, निर्भीक और जनभावनाओं को प्रतिबिंबित करने वाली मानी जाती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button