ख़ाता ना बही,जो आरडब्लूए कहे वो ही सही अब नही चलेगा:शिवानी जैन
आरडब्लूए को हाईकोर्ट ने किया नोटिस

सोसायटी का ऑडिट कराने में असफल रहने वाले डिप्टी रजिस्ट्रार,ऑडिट करने वाली कंपनी सीपीवाई एसोसियट ओर आरडब्लूए को हाईकोर्ट ने किया नोटिस जारी।
उजागर फाउंडेशन की अध्यक्ष एवं जयपुरिया सनरायज ग्रीन सोसायटी निवासी शिवानी जैन ने सोसायटी के पिछले 10 वर्षो का लेखा-जोखा सार्वजनिक कराने के लिए डिप्टी रजिस्ट्रार से मांग की थी,जिसे स्वीकार करते हुए डिप्टी रजिस्ट्रार ने दिनांक:07-अप्रैल2025 में सीपीवाई एन्ड एसोसिएट कंपनी को ऑडिट करने हेतु आदेश पारित किए थे l महिनों बीत जाने के बाद भी ऑडिट न किए जाने पर ज़ब कंपनी से संपर्क किया, कंपनी के विक्रम सिंह ने शिकायतकर्ता को अवगत कराया की सोसायटी का आरडब्लूए बोर्ड ऑडिट कराने में सहयोग नही कर रहा है।
उपरोक्त जानकारी से डिप्टी रजिस्ट्रार को अवगत कराने के साथ-साथ सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत सूचना मांगी , किन्तु डिप्टी रजिस्ट्रार ने ना तो ऑडिट कराया ओर ना ही सूचना उपलब्ध करायी l शिवानी जैन द्वारा जनपद के प्रभारी मंत्री असीम अरुण के गाजियाबाद आगमन पर प्रकरण को उनके संज्ञान में लाए जाने पर उन्होंने उचित कार्यवाही का पूर्ण आश्वासन दियाl जिसका परिणाम ये रहा की शिकायतकर्ता के पत्र के संदर्भ में प्रदेश के वित्त मंत्री की ओर से डिप्टी रजिस्ट्रार को पत्र प्रेषित हुआ l उचित मंचो पर शिकायत करने के बाद भी ज़ब ना तो सोसायटी का ऑडिट हुआ ओर ना ही ऑडिट करने वाली कंपनी को बदला गया तब शिवानी ने उच्च न्यायलय इलाहाबाद में रिट दाखिल की जिसे प्रथम दृष्टिया सही मानते हुए मा.न्यायलय ने डिप्टी रजिस्ट्रार,सोसायटी आरडब्लूए ओर ऑडिट कंपनी सीपीवाई एसोसिएट को नोटिस जारी कर अतिशीघ्र उनका पक्ष मांगा है।
याचीकाकर्ता श्रीमती जैन का कहना है की डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यलय की शिथलता व आपसी गठजोड़ के चलते सोसायटियों की आरडब्लूए अपनी मनमानी सोसायटी निवासियों पर थोपती है।करीब एक वर्ष बीत जाने के बाद भी डिप्टी रजिस्ट्रार अपने आदेश पर अम्ल नही करा पा रहे है। जिस कारण डिप्टी रजिस्ट्रार की कार्यशेंली पर संदेह होता है उन्होंने मांग की,कि डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यलय की भी उच्च स्तरीय जाँच होनी चाहिए।



