गाजियाबाद

नगर निगम हाउस टैक्स पर स्थिति स्पष्ट करे, अन्यथा व्यापारी टैक्स जमा नहीं करेंगे – विपिन गोयल

गाजियाबाद। नगर निगम द्वारा हाउस टैक्स बढ़ोतरी को वापस लेने की घोषणा के बाद भी अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि शहर के व्यापारी और आम नागरिक किस दर से हाउस टैक्स जमा करें। नगर निगम की ओर से स्पष्ट निर्देश न मिलने के कारण व्यापारियों और आम नागरिकों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

युवा उद्योग व्यापार मंडल गाजियाबाद के महानगर अध्यक्ष एवं संजय नगर सेक्टर-23, राजनगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष विपिन गोयल ने कहा कि नगर निगम को इस विषय में तुरंत स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। शहर के कई व्यापारी और नागरिक हाउस टैक्स जमा कराने के लिए प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उन्हें यह जानकारी नहीं मिल पा रही है कि टैक्स पुरानी दर से जमा होगा या नई दर से।

विपिन गोयल ने कहा कि जब नगर निगम द्वारा हाउस टैक्स बढ़ोतरी वापस लेने की घोषणा की जा चुकी है, तो नगर निगम प्रशासन को तुरंत व्यवस्था स्पष्ट करते हुए पुरानी दरों पर ही हाउस टैक्स जमा कराने की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि नगर निगम पुरानी दरों पर हाउस टैक्स जमा कराएगा तो व्यापारी और आम नागरिक टैक्स जमा करेंगे, अन्यथा मौजूदा स्थिति में टैक्स जमा नहीं किया जाएगा।

संपत्तिकर पर स्थिति स्पष्ट करें अधिकारी, व्यापारियों को न करें परेशान
नगर निगम संपत्तिकर पर अपनी स्थिति को स्पष्ट करे और वसूली के नाम पर व्यापारियों को परेशान करना बंद कर दे। संजयनगर सेक्टर-23 व्यापार मंडल के अध्यक्ष विपिन गोयल ने बताया कि आए दिन नगर निगम के कर्मचारी दुकानों पर आकर व्यापारियों से संपत्तिकर की वसूली के लिए दबाव बना रहे हैं। व्यापारियों से उनकी दुकान का एरिया पूछकर अपने मन मुताबिक एरिया लिखकर बिल बना रहे हैं। व्यापार मंडल मांग करता है कि इस संदर्भ में नगर निगम अधिकारी जल्द ही पुरानी दरों पर ही वसूली के बिल बनाएं और व्यापारियों का उत्पीड़न न किया जाए अन्यथा व्यापार मंडल के पदाधिकारी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

विपिन गोयल ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि इस विषय में जल्द से जल्द स्पष्ट आदेश जारी किए जाएं, ताकि व्यापारियों और आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

Sandeep Singhal

संदीप सिंघल गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वे लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए सामाजिक, प्रशासनिक एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ उठाते आ रहे हैं। उनकी लेखनी तथ्यात्मक, निर्भीक और जनभावनाओं को प्रतिबिंबित करने वाली मानी जाती है।

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