मधुबन-बापूधाम में बोली का धमाका, 3 भूखंडों से जीडीए को 97.98 करोड़ की आय
कम भूखंड बिके, लेकिन ऊंची बोलियों ने निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी का दिया संकेत

मनस्वी वाणी, संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) द्वारा मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना में आयोजित नीलामी में निवेशकों की जबरदस्त दिलचस्पी देखने को मिली। लोहिया नगर स्थित हिंदी भवन में बुधवार को हुई इस नीलामी में कुल 25 भूखंडों के लिए प्रक्रिया आयोजित की गई, जिसमें केवल 3 भूखंड बिके, लेकिन इन पर लगी ऊंची बोलियों ने जीडीए को करीब 97.98 करोड़ रुपये की आय दिला दी।
नीलामी प्रक्रिया जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल के निर्देश पर सुबह 11 बजे शुरू हुई, जिसका संचालन अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह की अध्यक्षता में किया गया। इस दौरान ओएसडी कनिका कौशिक, चीफ इंजीनियर आलोक रंजन और सहायक अभियंता सुरजीत कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराया गया।
नीलामी में सबसे ज्यादा आकर्षण पॉकेट-ए के बड़े भूखंड ने खींचा। 9031.40 वर्गमीटर के इस भूखंड की बेस प्राइस 52,500 रुपये प्रति वर्गमीटर तय की गई थी, लेकिन कड़ी प्रतिस्पर्धा के चलते बोली बढ़कर 87,800 रुपये प्रति वर्गमीटर तक पहुंच गई। अंतत: यह भूखंड 79.29 करोड़ रुपये से अधिक में बिका, जो नीलामी का सबसे बड़ा सौदा रहा।
वहीं पॉकेट-बी के 695 वर्गमीटर के व्यवसायिक भूखंड पर भी निवेशकों ने जमकर बोली लगाई। 70 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर की बेस प्राइस के मुकाबले यह 1,55,600 रुपये प्रति वर्गमीटर तक पहुंचा और करीब 10.81 करोड़ रुपये में बिक गया। इसके अलावा पॉकेट-सी का 1116 वर्गमीटर का भूखंड 70,500 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से लगभग 7.86 करोड़ रुपये में बेचा गया। अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि भले ही कम भूखंड बिके हों, लेकिन ऊंची बोलियां इस बात का संकेत हैं कि गाजियाबाद में रियल एस्टेट सेक्टर तेजी से उभर रहा है।

उन्होंने कहा कि नीलामी से प्राप्त धनराशि का उपयोग शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, नई विकास परियोजनाओं को गति देने और नागरिक सुविधाओं के विस्तार में किया जाएगा।
गौरतलब है कि मधुबन-बापूधाम योजना जीडीए की प्रमुख आवासीय योजनाओं में शामिल है, जहां बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाओं के चलते निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है। जीडीए अधिकारियों के अनुसार भविष्य में भी इसी तरह की पारदर्शी नीलामियों के माध्यम से निवेश आकर्षित करने के प्रयास जारी रहेंगे, जिससे शहर के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी।



