
पश्चिम एशिया में हत्याओं, हवाई हमलों और महत्वपूर्ण ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमलों की घटनाओं के साथ तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इस्राएल लेबनान के भीतर तक हवाई हमले कर रहा हैं। लेबनान में मध्य बेरूत के बस्ता और ज़ुकाक अल-बलात इलाकों को निशाना बनाया गया। इसमें 12 लोगों के मारे जाने की खबर है। संयुक्त राष्ट्र की ओर से तत्काल युद्धविराम की अपील के बावजूद इस्राएली सेना लितानी नदी की ओर बढ़ रही है।
एक समन्वित कूटनीतिक प्रतिक्रिया के तहत 12 अरब और इस्लामी देशों के विदेश मंत्रियों ने रियाद में संयुक्त बयान जारी कर नागरिक बुनियादी ढांचे पर ईरानी मिसाइल हमलों की निंदा की। संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 का हवाला देते हुए।
इन देशों ने आत्मरक्षा के अपने अधिकार पर जोर दिया। उन्होंने क्षेत्रीय हस्तक्षेप और समुद्री खतरों को समाप्त करने का आह्वान करते हुए कहा कि स्थिरता के लिए संप्रभुता का सम्मान आवश्यक है। इसे बढ़ते संकट को नियंत्रित करने की एक महत्वपूर्ण कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
इस बीच खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर खतरे को देखते हुए वायु रक्षा प्रणालियां हाई अलर्ट पर हैं।
संयुक्त अरब अमीरात में अधिकारियों ने कई मिसाइलों और ड्रोन को विफल किए जाने की पुष्टि की है। अधिकारियों का कहना है कि इनसे ऊर्जा प्रतिष्ठानों के कामकाज में मामूली बाधा आई है तथा परिचालन को बहाल किया जा रहा है।



