गाज़ियाबाद

एनजीटी में निगम ने माना जिस जमीन पर रोड का निर्माण हुआ,वह पार्क का हिस्साःसचिन डागर

एनजीटी में निगम ने माना जिस जमीन पर रोड का निर्माण हुआ,वह पार्क का हिस्साःडागर-बीजेपी पार्षद ने कहा संगठन में करुंगा शिकायत, मुख्यमंत्री तक जाएगी बात

मनस्वी वाणी संवाददातागजियाबाद। वार्ड संख्या 60 से बीजेपी के पार्षद सचिन डागर ने कहा कि जिस जमीन पर रोड का निर्माण किया गया है,वह पार्क की जमीन है। एनजीटी में भी निगम के द्वारा स्वीकार किया गया है कि उपरोक्त जमीन पार्क का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस बात की जांच होनी चाहिए कि पार्क की जमीन पर किसके द्वारा रोड का निर्माण किया गया तथा क्या नगर निगम के द्वारा पार्क कीजमीन पर रोड निर्माण के लिए निगम के द्वारा एनओसी दी गई।दुर्भाग्य पूर्ण पहलू ये है कि उनके द्वारा निगम सदन की बैठक के दौरान मुददे को उठाया तोे उन्हें धमकी दी गई।नवयुग मार्केट स्थित रेस्टोरेंट में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा पार्षद सचिन डागर ने कहा कि राजेंद्र नगर में बाबू जगजीवन राम कॉलोनी में अवैध रूप से 12 फीट रास्ते को 30 फीट चौड़ा रास्ता पार्क की जमीन पर बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पूर्व नगर आयुक्त और वर्तमान नगर आयुक्त व नगर निगम के अधिकारियों से छह माह पूर्व इसकी शिकायत की गई। मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। नगर निगम की बोर्ड बैठक में सदन में महापौर सुनीता दयाल के समक्ष यह मामला उठाया। इसमें 30 लाख रुपए की रिश्वत भी ली गई। इसके बाद सड़क बन गई। जबकि जमीन की कई लोगों को की गई रजिस्ट्री में भी पार्क की जमीन दर्शाया गया है। पार्षद सचिन डागर ने कहा कि महापौर ने सदन में बेटा गर्दन अलग कर दूंगी का बयान दिया है। इसकी भाजपा संगठन में शिकायत करूंगा। वह  भाजपा का कार्यकर्ता है  और निर्वाचित पार्षद है ।उन्होंने कहा कि मेरे ऊपर उद्यमियों ने एक करोड़ की मांग का आरोप लगाया है। अगर मैं इसमें दोषी पाया गया तो इस्तीफा दे दंूगा। इस पूरे मामले की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह भी शिकायत करूंगा। जमीन की जांच की मांग है। 12 फीट से 30 फीट चौड़ा रास्ता बना दिया गया। महापौर का गर्दन काट दूंगी का बयान मेरे लिए कहा गया है। नगर निगम के वार्ड-60 से भाजपा पार्षद सचिन डागर ने कहा कि निगम बोर्ड बैठक में महापौर का उनके द्वारा किसी का  नाम नहीं लिया था। 30 लाख रुपए रिश्वत ली गई। महापौर के गर्दन अलग कर दूंगी के बयान के बाद मैं काफी सहमा हूं। सदन में ऐसा बोलकर अपमान किया गया। 

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