उत्तर प्रदेशगाज़ियाबाद

Ghaziabad ; डॉक्टरों की लापरवाही से मौत के मामलों की जांच भी अटकी


कुछ मामलों में सीलिंग की कार्रवाई तो हुई, लेकिन जांच नहीं हुई पूरी

  • स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण पीड़ितों को नहीं मिल रहा इंसाफ
    मनस्वी वाणी, संवाददाता

गाजियाबाद। सीएमओ कार्यालय की लापरवाही के चलते जिले में निजी अस्पतालों में डॉक्टरों की लापरवाही से होने वाली मौतों के मामले में पीड़ित परिजनों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। सीएमओ कार्यालय में इस तरह के कई मामलों की जांच अटकी पड़ी है। कुछ मामलों में विभाग की ओर से तुरंत कार्रवाई करते हुए अस्पताल पर सील तो लगा दी गई, लेकिन दबाव पड़ने पर सील को खोल भी दिया गया और जांच भी अटक गई।

बीते साल 2023 के दौरान जिले के निजी अस्पतालों में उपचाराधीन मरीजों की मौत के मामलों में डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप लगे। जिसके बाद पुलिस की ओर से स्वास्थ्य विभाग से राय मांगी गई थी। इसके अलावा कुछ मामलों में सीधा स्वास्थ्य विभाग से ही सीधा शिकायत की गई थी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से ज्यादातर मामलों में मौत के बाद अस्पतालों को सील तक किया गया। कुछ मामलों में पीड़ितों को न्याय तो नहीं मिला लेकिन विभाग को अस्पताल की सील खोलने के लिए जरूर मजबूर होना पड़ा। किसी जांच में मामला हाईकोर्ट पहुंचने की वजह से तो किसी मामले में चिकित्सा संगठनों के बीच में कूदने की वजह से अस्पताल की सील खोली पड़ी।
–ये रहे चर्चित मामले
04 अप्रैल 2023- शालीमार गार्डन स्थित स्पर्श अस्पताल में चार अप्रैल को पथरी के ऑपरेशन के बाद 26 वर्षीय रोहित की मौत हो गई। इस मामले को लखनऊ स्थित मेडिकल बोर्ड से राय के लिए भेजा गया है।

31 अगस्त- लोनी में झोलाछाप डॉक्टर के जबरन प्रीमैच्योर डिलीवरी कराने से नवजात की मौत हो गई। प्रसव के बाद महिला को दूसरे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टर का क्लीनिक सील किया।

10 सितंबर- वैशाली रामप्रस्थ ग्रीन निवासी गौरव झा को 7 सितंबर को तेज बुखार होने पर वैशाली सेक्टर-4 स्थित पारस अस्पताल में भर्ती कराया। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सकों की लापरवाही से 10 सितंबर को गौरव की मौत हो गई।

20 अक्टूबर- सिहानी रोड स्थित विश्वास नगर निवासी राजवीर वर्मा की 21 वर्षीय बेटी प्रथा वर्मा को रीढ़ की हड्डी के ऑपरेशन के दौरान युवती की मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।

29 दिसंबर-टीएचए के बालाजी अस्पताल में रीढ़ की हड्डी के ऑपरेशन के दौरान मनोज वर्मा (32) की मौत हो गई। मामले में पुलिस से शिकायत की गई। परिजनों ने बेहोशी का इंजेक्शन देने वाले डॉक्टर पर शराब के नशे में होने का आरोप लगाया

वर्जन—
ज्यादातर शिकायतों में जांच पूरी कर ली गई है। कुछ मामलों में यूरोलॉजिस्ट, न्यूरो आदि के चिकित्सकों की सलाह की आवश्कयता पड़ी है तो ऐसे मामलों के लिए मेरठ और लखनऊ से राय देने के लिए कहा गया है।
– डॉ. चरण सिंह, एसीएमओ, गाजियाबाद

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