
गाजियाबाद के शालीमार गार्डन में पुलिस ने एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश करते हुए 3.85 करोड़ रुपये की पुरानी करंसी के साथ चार लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह नोटबंदी के बाद चलन से बाहर हुए 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बदलने का अवैध धंधा चला रहा था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस को इस अवैध कारोबार की गुप्त सूचना मिली थी। बृहस्पतिवार की रात डीएलएफ कट, शालीमार गार्डन में नियमित चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक कार को रोका, जिसमें ये चारों आरोपी सवार थे। तलाशी लेने पर कार से भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई।पुलिस ने बताया कि आरोपी 25% कमीशन लेकर लोगों के पुराने नोटों को नए नोटों में बदलने का काम करते थे। यह गिरोह फोन पर ही डील फाइनल करता था और पूरी योजना के साथ इस काले धंधे को अंजाम दे रहा था। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 3.85 करोड़ रुपये की पुरानी करंसी और वह कार भी जब्त कर ली गई है, जिसका इस्तेमाल इस अवैध लेनदेन में हो रहा था। गिरोह का मास्टरमाइंड अभी भी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। पुलिस के अनुसार, बरामद रकम को आरोपी रामपुर से लेकर आए थे और इस पूरे नेटवर्क के तार कई अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब इस मामले से जुड़े अन्य लोगों और नोट बदलवाने वालों की गहनता से जांच कर रही है ताकि पूरे गिरोह का भंडाफोड़ किया जा सके।
इस गिरफ्तारी से यह स्पष्ट होता है कि नोटबंदी के वर्षों बाद भी पुराने नोटों को बदलने का गैरकानूनी कारोबार चल रहा है, जिस पर पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। एसीपी शालीमार गार्डन अतुल कुमार ने पुष्टि की है कि जल्द ही मास्टरमाइंड को भी पकड़ लिया जाएगा।



