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संसद में प्रदूषण पर चर्चा: दिल्ली-एनसीआर की जहरीली हवा पर सरकार का जवाब

संसद के शीतकालीन सत्र के 14वें दिन आज लोकसभा में दिल्ली-एनसीआर के गंभीर वायु प्रदूषण और कोहरे की स्थिति पर एक महत्वपूर्ण चर्चा होने जा रही है। नियम 193 के तहत होने वाली इस ‘अल्पकालिक चर्चा’ की शुरुआत कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, डीएमके की कनिमोझी और भाजपा की बांसुरी स्वराज करेंगी। दिल्ली में प्रदूषण का स्तर लगातार ‘बेहद गंभीर’ श्रेणी में बने रहने और दृश्यता कम होने से आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है। विपक्ष ने इसे एक ‘स्वास्थ्य आपातकाल’ बताते हुए सरकार से ठोस कार्ययोजना की मांग की है। सदन में यह चर्चा लगभग 4 घंटे तक चलने की उम्मीद है, जिसमें प्रदूषण के कारणों और इसके दीर्घकालिक समाधानों पर मंथन किया जाएगा।

इस गरमागरम बहस के बाद, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव आज शाम 5:00 बजे लोकसभा में सरकार की ओर से विस्तृत जवाब देंगे। वे प्रदूषण से निपटने के लिए लागू ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP-4) की स्थिति और ‘राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम’ (NCAP) के तहत उठाए गए कदमों का विवरण साझा करेंगे। मंत्री द्वारा वायु प्रदूषण को कम करने के लिए ‘होल-ऑफ-गवर्नमेंट’ एप्रोच पर जोर देने की संभावना है। इसी क्रम में, दिल्ली सरकार ने आज से ही ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ नियम और गैर-बीएस VI वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध जैसे सख्त कदम उठाए हैं, जिन्हें केंद्र सरकार का भी समर्थन प्राप्त है।

संसद में होने वाली यह चर्चा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हालिया रिपोर्टों में वायु प्रदूषण का संबंध गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों, जैसे समय से पहले जन्म और फेफड़ों की बीमारियों से जोड़ा गया है। विपक्षी सांसदों ने प्रदूषण के आंकड़ों और धरातल पर उनके प्रभाव के बीच के अंतर पर भी सवाल उठाए हैं। चर्चा के दौरान VB G-RAM-G विधेयक और ग्रामीण विकास के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने पर भी बातचीत हो सकती है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले एक वर्ष में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में 40% तक की कमी लाई जाए। यह बहस न केवल राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता बल्कि करोड़ों लोगों के बेहतर भविष्य और साफ हवा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।

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