
भारतीय सर्राफा बाजार में आज यानी 20 दिसंबर 2025 को कीमती धातुओं के दामों में विरोधाभासी रुझान देखने को मिला है। जहाँ सोने की कीमतों में पिछले सत्र की तुलना में मामूली गिरावट दर्ज की गई है, वहीं चांदी की कीमतों ने आसमान छूते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। दिल्ली के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव लगभग 1,34,320 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा, जो कल के मुकाबले करीब 10 रुपये की मामूली नरमी दर्शाता है। वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती और निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली के कारण सोने की कीमतों पर दबाव देखा जा रहा है, जिससे आभूषण खरीदारों को हल्की राहत मिली है।
दूसरी ओर, चांदी की कीमतों में आई जबरदस्त तेजी ने बाजार विश्लेषकों और निवेशकों को हैरान कर दिया है। औद्योगिक मांग में भारी उछाल और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं के चलते चांदी की कीमतें देश के कई प्रमुख शहरों में 2.11 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गई हैं। दिल्ली और चेन्नई जैसे महानगरों में चांदी का भाव आज 2,19,295 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुँच गया है। इस साल की शुरुआत से अब तक चांदी की कीमतों में 100% से अधिक की वृद्धि दर्ज की जा चुकी है, जो इसे निवेश के लिहाज से सबसे आकर्षक और रिटर्न देने वाली धातु बना रही है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोने और चांदी की कीमतों में यह असमानता सौर ऊर्जा क्षेत्र, इलेक्ट्रिक वाहनों और सेमीकंडक्टर उद्योगों में चांदी की बढ़ती खपत के कारण है। सोने में आई गिरावट को एक ‘करेक्शन’ के रूप में देखा जा रहा है, जो लंबे समय तक जारी रहने की संभावना कम है। आगामी शादी-ब्याह के सीजन को देखते हुए मांग बढ़ने की उम्मीद है, जिससे सोने की कीमतों में फिर से उछाल आ सकता है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार की उच्च अस्थिरता को देखते हुए सावधानीपूर्वक निवेश करें, क्योंकि चांदी अब केवल आभूषण की धातु न रहकर एक रणनीतिक औद्योगिक संसाधन बन चुकी है।



