
गाजियाबाद। के पॉश इलाके राजनगर एक्सटेंशन स्थित ओरा चिमेरा सोसाइटी में हुई सनसनीखेज हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। मकान मालकिन दीपशिखा शर्मा की हत्या के आरोप में पुलिस ने उनके ही किरायेदार दंपती को गिरफ्तार किया है। यह घटना तब सामने आई जब दीपशिखा का शव उनके ही फ्लैट में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था, जिसके बाद सोसाइटी में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया था। पुलिस की शुरुआती जांच और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ कि इस जघन्य अपराध को अंजाम देने के पीछे किरायेदार दंपती का हाथ था, जो वारदात के बाद से ही संदेह के घेरे में थे।
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि इस हत्याकांड के पीछे मुख्य कारण पैसों का लेनदेन और निजी विवाद था। बताया जा रहा है कि किरायेदार दंपती और दीपशिखा के बीच पिछले कुछ समय से किराये के भुगतान और फ्लैट खाली करने को लेकर तनाव चल रहा था। घटना वाले दिन बहस इतनी बढ़ गई कि दंपती ने आवेश में आकर दीपशिखा पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। साक्ष्य छिपाने के इरादे से आरोपियों ने घटना को आत्महत्या का रूप देने का भी प्रयास किया था, लेकिन फॉरेंसिक टीम और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उनकी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
इस घटना ने हाई-राइज सोसायटियों में किरायेदार सत्यापन (Tenant Verification) की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गाजियाबाद पुलिस ने निवासियों से अपील की है कि वे किसी को भी मकान किराये पर देने से पहले पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को अनिवार्य रूप से पूरा करें। फिलहाल, दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और पुलिस हत्या में इस्तेमाल किए गए सबूतों को जुटाने में लगी है। राजनगर एक्सटेंशन की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) ने भी सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करने तथा बाहरी लोगों के प्रवेश पर कड़ी निगरानी रखने का निर्णय लिया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।



