
आज सोमवार, 22 दिसंबर 2025 को भारतीय पंचांग के अनुसार पौष मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। कल रविवार को पौष अमावस्या के समापन के बाद आज से शुक्ल पक्ष की गतिविधियों का विधिवत आरंभ हो गया है। सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित होता है, और पौष मास के शुक्ल पक्ष में पड़ने के कारण आज के दिन का आध्यात्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है। आज सूर्योदय सुबह के समय दिल्ली के समयानुसार लगभग 7:10 बजे हुआ है। श्रद्धालु आज के दिन को नई ऊर्जा और संकल्प के साथ देख रहे हैं, क्योंकि चंद्रमा की बढ़ती कलाएं जीवन में सकारात्मकता और प्रगति का प्रतीक मानी जाती हैं।
आज के दिन श्रवण नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जो कि चंद्रमा का अपना नक्षत्र है, जिससे आज ‘सिद्धि’ या ‘शुभ’ योग बनने की प्रबल संभावना है। पंचांग के अनुसार, आज का दिन मानसिक शांति के लिए भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के लिए सर्वोत्तम है। ज्योतिषियों का मानना है कि सोमवार और द्वितीया तिथि का संयोग उन जातकों के लिए अत्यंत लाभकारी है जिनका चंद्रमा कमजोर है। आज के दिन दूध, चावल और सफेद वस्त्रों का दान करना विशेष फलदायी बताया गया है। साथ ही, पौष शुक्ल पक्ष की शुरुआत होने के कारण आज से धार्मिक अनुष्ठानों और मांगलिक कार्यों की योजना बनाना भी शुभ माना जाता है।
शुभ मुहूर्त की बात करें तो आज अभिजीत मुहूर्त दोपहर के समय रहेगा, जिसमें किसी भी नए कार्य की शुरुआत की जा सकती है। हालांकि, राहुकाल के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है, जो कि दोपहर के डेढ़ से तीन बजे के आसपास (स्थान के अनुसार भिन्न) रह सकता है। आज द्वितीया तिथि होने के कारण भगवान कार्तिकेय और माता गौरी की पूजा का भी विधान है। शाम के समय शिव मंदिर में दीपदान करना और पंचांग के नियमों का पालन करना जीवन में सुख-समृद्धि लेकर आता है। यह दिन आत्म-चिंतन और आगामी पक्ष के लिए अपने लक्ष्यों को निर्धारित करने के लिए एक उत्कृष्ट समय प्रदान करता है।



