
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने आज मंगलवार, 23 दिसंबर 2025 को जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा के लिहाज से एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन को अंजाम दिया है। एनआईए की टीमों ने पहलगाम आतंकी हमले के मामले में जारी अपनी जांच को आगे बढ़ाते हुए अनंतनाग जिले के सलिया गांव में सघन छापेमारी की। सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई उन संदिग्धों और ओवर-ग्राउंड वर्कर्स (OGWs) के खिलाफ की गई है, जिन पर हाल ही में हुए आतंकी हमले की साजिश में शामिल होने या हमलावरों को रसद सहायता प्रदान करने का संदेह है। सुरक्षा बलों की भारी मौजूदगी के बीच सुबह तड़के शुरू हुई इस छापेमारी ने इलाके में सक्रिय आतंकी नेटवर्क के बीच हड़कंप मचा दिया है।
छापेमारी के दौरान एनआईए के अधिकारियों ने कई विशिष्ट ठिकानों पर तलाशी ली, जहाँ से डिजिटल उपकरण, मोबाइल फोन और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए जाने की खबर है। जांच एजेंसी उन सुरागों की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है जो पहलगाम में हुए हमले के पीछे के मास्टरमाइंड तक पहुँच सकें। गौरतलब है कि पहलगाम हमला क्षेत्र में पर्यटन और शांति को अस्थिर करने की एक बड़ी कोशिश थी, जिसके बाद से ही केंद्रीय एजेंसियां अपराधियों के मददगारों की पहचान करने में जुटी हैं। सलिया गांव में की गई यह छापेमारी इसी व्यापक जांच का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सीमा पार से संचालित हो रहे आतंकी पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) को पूरी तरह ध्वस्त करना है।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस छापेमारी से आने वाले दिनों में कुछ महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां हो सकती हैं। स्थानीय पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के सहयोग से की गई इस कार्रवाई के दौरान गांव की घेराबंदी कर दी गई थी और बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई थी। एनआईए अब जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की फोरेंसिक जांच करेगी ताकि गुप्त सूचनाओं और संचार के माध्यमों का पता लगाया जा सके। केंद्र सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत, जम्मू-कश्मीर में आतंकी वित्तपोषण और स्थानीय नेटवर्क पर प्रहार करने के लिए इस तरह की कार्रवाइयों को और तेज किया गया है, ताकि घाटी में स्थायी शांति और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।



