गाजियाबाद

कफ सीरप तस्करी: मुख्य आरोपी पप्पन यादव का कोर्ट में सरेंडर, SIT खंगालेगी अंतरराष्ट्रीय लिंक

नशीली दवाओं और कफ सीरप की अवैध तस्करी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी पप्पन यादव ने आखिरकार कानून के शिकंजे में फंसने के डर से कोर्ट में आत्मसमर्पण (Surrender) कर दिया है। पप्पन यादव पर आरोप है कि वह सीमावर्ती इलाकों और उत्तर भारत के कई राज्यों में प्रतिबंधित कफ सीरप की खेप सप्लाई करने वाले एक बड़े सिंडिकेट का संचालन कर रहा था। पुलिस की लगातार छापेमारी और कुर्की की कार्रवाई के बढ़ते दबाव के चलते आरोपी ने आज बुधवार, 24 दिसंबर 2025 को अदालत के समक्ष सरेंडर किया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

पप्पन यादव की गिरफ्तारी के बाद अब इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) उसके अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर ध्यान केंद्रित कर रही है। शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि इस तस्करी के तार पड़ोसी देशों, विशेषकर बांग्लादेश और नेपाल से जुड़े हुए हैं। कफ सीरप की इन बोतलों को कोडइन (Codeine) की उच्च मात्रा के कारण नशीले पदार्थ के रूप में भारी कीमतों पर सीमा पार भेजा जाता था। एसआईटी अब पप्पन यादव को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी ताकि इस काले कारोबार में शामिल सफेदपोश चेहरों, स्थानीय वितरकों और सीमा पार के हैंडलर्स की पहचान की जा सके।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, पप्पन यादव के पास से मिले कुछ डिजिटल साक्ष्यों और कॉल रिकॉर्ड्स से हवाला कारोबार के जरिए पैसे के लेनदेन के सबूत भी मिले हैं। एसआईटी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस अवैध कमाई का इस्तेमाल कहीं देश विरोधी गतिविधियों या आतंकी फंडिंग में तो नहीं किया जा रहा था। जांच टीम को उम्मीद है कि पप्पन यादव के कबूलनामे से इस नेटवर्क की पूरी सप्लाई चेन का भंडाफोड़ होगा, जिससे नशे के इस अवैध कारोबार पर लगाम कसी जा सकेगी। फिलहाल, पुलिस उन गोदामों और ट्रांसपोर्ट एजेंटों की तलाश में जुटी है जो इस तस्करी में पप्पन की मदद कर रहे थे।

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