
उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और शीतलहर (Cold Wave) का प्रकोप अपने चरम पर पहुँच गया है। आज बुधवार, 24 दिसंबर 2025 को मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश के 20 जिलों के लिए घने कोहरे का ‘ऑरेंज अलर्ट’ और कई अन्य जनपदों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के बाद वहां से आ रही पछुआ हवाओं ने मैदानी इलाकों में गलन बढ़ा दी है, जिससे लखनऊ, कानपुर और प्रयागराज समेत कई शहरों में ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) जैसी स्थिति बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 48 घंटों में रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की और गिरावट आने की संभावना है, जिससे ठिठुरन और बढ़ेगी।
घने कोहरे के कारण दृश्यता (Visibility) शून्य से 50 मीटर के बीच सिमट गई है, जिससे रेल, सड़क और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। दिल्ली-एनसीआर और यूपी के राजमार्गों पर वाहन रेंगने को मजबूर हैं, जबकि घने कोहरे की वजह से दर्जनों उड़ानें और लंबी दूरी की ट्रेनें अपने निर्धारित समय से कई घंटे देरी से चल रही हैं। तराई और पश्चिमी यूपी के जिलों जैसे सहारनपुर, बरेली, मुरादाबाद और पीलीभीत में कोहरे का असर सबसे अधिक देखा जा रहा है। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे सुबह और रात के समय यात्रा करने से बचें और ड्राइविंग के दौरान ‘फॉग लाइट्स’ का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।
ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों के समय में परिवर्तन किया गया है या छोटे बच्चों के लिए अवकाश घोषित कर दिया गया है। जिलाधिकारियों ने रैनबसों (Night Shelters) में सुविधाओं को दुरुस्त करने और प्रमुख चौराहों पर अलाव की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। डॉक्टरों ने इस मौसम में हाइपोथर्मिया और श्वसन संबंधी रोगों के प्रति आगाह किया है, खासकर बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 25 दिसंबर (क्रिसमस) के बाद ठंड का यह ‘बेरहम’ रूप और अधिक उग्र हो सकता है, क्योंकि नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं।



