
गुजरात का कच्छ जिला आज शुक्रवार, 26 दिसंबर 2025 की सुबह भूकंप के तेज झटकों से दहल उठा। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 4.4 मापी गई है, जिसने स्थानीय निवासियों के बीच भारी दहशत पैदा कर दी। झटके इतने तेज थे कि लोग अपने घरों और ऊंची इमारतों से बाहर निकलकर खुले मैदानों की ओर भागने लगे। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र कच्छ के पास ही स्थित था और इसकी गहराई जमीन से लगभग 10 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई। गनीमत यह रही कि अब तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की खबर नहीं आई है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है।
भूकंप के झटके महसूस होते ही स्थानीय प्रशासन ने तुरंत आपदा प्रबंधन टीमों को सक्रिय कर दिया। गांधीधाम, भुज और भचाऊ जैसे इलाकों में झटके सबसे अधिक महसूस किए गए, जहाँ पुरानी इमारतों में मामूली दरारें आने की कुछ अपुष्ट खबरें मिली हैं। कच्छ का क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से ‘सीस्मिक ज़ोन-5’ (अत्यधिक उच्च जोखिम वाला क्षेत्र) में आता है, जिसके कारण यहां हल्का सा कंपन भी पुरानी यादों को ताजा कर देता है। पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी प्रभावित गांवों का दौरा कर रहे हैं ताकि नुकसान का सटीक आकलन किया जा सके और लोगों को सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश दिए जा सकें।
भू-वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि मुख्य झटके के बाद ‘आफ्टरशॉक्स’ (Aftershocks) आने की संभावना बनी रहती है, इसलिए लोगों को अगले 24 घंटों तक सतर्क रहने की सलाह दी गई है। गुजरात राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (GSDMA) ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और भूकंप के दौरान ‘झुकें, ढकें और पकड़ें’ (Drop, Cover, Hold on) के सुरक्षा नियमों का पालन करें। भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील होने के कारण, प्रशासन ने आपातकालीन सेवाओं और एंबुलेंस को भी स्टैंडबाय पर रखा है। वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है और जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है, लेकिन प्रकृति के इस झटके ने सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की आवश्यकता को फिर से रेखांकित कर दिया है।



