
उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और ‘ट्रिपल अटैक’—भीषण शीतलहर, घना कोहरा और गंभीर प्रदूषण—को देखते हुए प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए हैं। गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) के जिलाधिकारियों ने आधिकारिक आदेश जारी करते हुए जिले के कक्षा 12वीं तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 1 जनवरी 2026 तक बंद रखने का निर्देश दिया है। यह फैसला पिछले कुछ दिनों से तापमान में आई भारी गिरावट और सुबह के समय शून्य दृश्यता (Zero Visibility) के कारण बढ़ती दुर्घटनाओं की संभावनाओं को देखते हुए लिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी पूरे प्रदेश में अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने और बच्चों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के सख्त निर्देश दिए हैं।
मौसम विभाग (IMD) ने आने वाले 48 घंटों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है, जिसमें रात का न्यूनतम तापमान 4 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। घने कोहरे के कारण दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में दृश्यता 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई है, जिससे स्कूली वाहनों के परिचालन में भारी जोखिम पैदा हो गया था। इसके साथ ही, वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के 400 के पार (Severe Category) पहुँचने से सांस लेने में तकलीफ और बच्चों में फेफड़ों के संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश सीबीएसई, आईसीएसई और यूपी बोर्ड सहित सभी माध्यमों के स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा और उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे इस अवकाश के दौरान छात्रों की पढ़ाई जारी रखने के लिए ऑनलाइन कक्षाओं का विकल्प चुन सकते हैं। हालांकि, शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को प्रशासनिक कार्यों के लिए स्कूल में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। 2 जनवरी 2026 से स्कूलों के खुलने का समय भी बदला जा सकता है, जिसकी सूचना अलग से जारी की जाएगी। वर्तमान में, बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों के लिए 14 जनवरी तक के शीतकालीन अवकाश की तैयारी भी चल रही है। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे बच्चों को भीषण ठंड से बचाएं और बिना जरूरी काम के सुबह के वक्त बाहर न निकलें।



