
विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के मौजूदा सीजन में दिल्ली की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत की हैट्रिक लगा दी है। सबसे खास बात यह है कि टीम ने यह मुकाम अपने स्टार बल्लेबाज विराट कोहली की अनुपस्थिति में हासिल किया है, जो अपनी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं और व्यक्तिगत ब्रेक के कारण इस घरेलू टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं हैं। कोहली की गैरमौजूदगी में दिल्ली के युवा खिलाड़ियों ने जिम्मेदारी को बखूबी समझा है और मैदान पर जबरदस्त तालमेल का परिचय दिया है। इस लगातार तीसरी जीत ने दिल्ली को ग्रुप तालिका में शीर्ष पर पहुँचा दिया है, जिससे नॉकआउट चरण में उनकी जगह लगभग पक्की नजर आ रही है।
मैदान पर दिल्ली के इस ‘विजय रथ’ के पीछे उनके संतुलित आक्रमण और सधी हुई बल्लेबाजी का बड़ा हाथ रहा है। कोहली के न होने से पैदा हुए खाली स्थान को भरने के लिए मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने साहस दिखाया है। पिछले मैच में दिल्ली के सलामी बल्लेबाजों ने टीम को ठोस शुरुआत दी, जिसके बाद मध्यक्रम ने दबाव को झेलते हुए एक चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। गेंदबाजी विभाग में भी तेज गेंदबाजों और स्पिनरों की जोड़ी ने विपक्षी बल्लेबाजों पर अंकुश लगाए रखा। दिल्ली क्रिकेट संघ (DDCA) ने टीम के इस प्रदर्शन पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा है कि यह जीत दर्शाती है कि दिल्ली की बेंच स्ट्रेंथ अब बड़े मैचों के लिए पूरी तरह तैयार है।
विराट कोहली की अनुपस्थिति पर चर्चा करते हुए कप्तान ने स्पष्ट किया कि हालांकि विराट की कमी हमेशा खलती है, लेकिन उनकी अनुपस्थिति ने अन्य युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर पैदा किया है। टीम का ध्यान अब आगामी मैचों पर है ताकि इस लय को बरकरार रखा जा सके। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली की यह फॉर्म टूर्नामेंट के फाइनल तक जाने का संकेत दे रही है। जिस तरह से टीम ने अपने पिछले तीन मुकाबले जीते हैं, उससे अन्य प्रतिद्वंद्वी टीमों के लिए खतरे की घंटी बज गई है। दिल्ली की नजरें अब अपने चौथे मुकाबले पर हैं, जहाँ वे अपनी जीत के सिलसिले को ‘चौका’ में बदलकर सेमीफाइनल की राह आसान करना चाहेंगे।



