गाजियाबाद

GDA की बड़ी कार्रवाई: अवैध निर्माणों पर चला बुलडोजर, करोड़ों की जमीन कब्जा मुक्त

गाजियाबाद। विकास प्राधिकरण (GDA) ने आज शहर के विभिन्न हिस्सों में भू-माफियाओं और अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ते हुए कड़ी कार्रवाई की है। प्रवर्तन दल की टीम ने भारी पुलिस बल के साथ डासना-मुरादनगर मार्ग और उसके आसपास के इलाकों में धावा बोला, जहाँ बिना किसी पूर्व अनुमति या नक्शा पास कराए बड़े पैमाने पर अवैध प्लॉटिंग और पक्के निर्माण किए जा रहे थे। प्राधिकरण के बुलडोजरों ने देखते ही देखते अवैध रूप से बनाई गई सड़कों, बिजली के खंभों और निर्माणाधीन बाउंड्री वॉल को जमींदोज कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, यह निर्माण मास्टर प्लान के नियमों का उल्लंघन कर कृषि योग्य भूमि पर किया जा रहा था, जिसे लेकर विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं।


डासना-मुरादनगर मार्ग के अलावा, जीडीए की टीम ने साहिबाबाद और गोविंदपुरम के पास स्थित अन्य संवेदनशील इलाकों में भी अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया। कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानों पर स्थानीय लोगों और भू-माफियाओं के समर्थकों ने विरोध करने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद पुलिस बल के आगे उनकी एक न चली। प्राधिकरण ने कुल मिलाकर लगभग 25,000 वर्ग मीटर से अधिक की प्राइम लैंड को अवैध कब्जों से मुक्त कराया है, जिसकी बाजार दर करोड़ों में आंकी जा रही है। प्रवर्तन जोन के प्रभारी ने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृत नक्शे के बनाई गई किसी भी बिल्डिंग या कॉलोनी को बख्शा नहीं जाएगा और ध्वस्तीकरण का खर्च भी संबंधित बिल्डर से ही वसूला जाएगा।


जीडीए उपाध्यक्ष ने इस कार्रवाई के बाद आम जनता के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई निवेश करने से पहले संबंधित भूखंड या फ्लैट के स्वीकृत लेआउट की जांच प्राधिकरण के कार्यालय या आधिकारिक वेबसाइट पर अवश्य कर लें। सस्ते प्लॉट के लालच में अवैध कॉलोनियों में निवेश करना भविष्य में कानूनी और आर्थिक संकट का कारण बन सकता है। प्राधिकरण अब उन अधिकारियों की भी जवाबदेही तय करने जा रहा है, जिनके कार्यकाल में ये अवैध निर्माण पनपे थे। इस सख्त कदम से शहर में अवैध प्लॉटिंग करने वाले तत्वों के बीच हड़कंप मच गया है और आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज होने की संभावना है।

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