
भारत के सर्वोच्च न्यायालय में आज, 7 जनवरी 2026 का दिन न्यायिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण रहने वाला है। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ आज तीन बड़े और संवेदनशील मामलों पर एक साथ सुनवाई करेगी, जो सीधे तौर पर पर्यावरण, जन सुरक्षा और मानवाधिकारों से जुड़े हैं। सबसे पहले, अरावली पर्वत श्रृंखला के संरक्षण को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई होगी, जिसमें हरियाणा और राजस्थान में हो रहे अवैध खनन और अतिक्रमण पर कोर्ट कड़ा रुख अपना सकता है। कोर्ट ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि अरावली दिल्ली-NCR के लिए ‘फेफड़ों’ का काम करती है और इसके विनाश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आज राज्य सरकारों द्वारा पेश की गई ‘स्टेटस रिपोर्ट’ पर न्यायालय अपना अंतिम आदेश दे सकता है।
दूसरा गंभीर मुद्दा आवारा कुत्तों के काटने की बढ़ती घटनाओं से संबंधित है। देशभर में कुत्तों के हमलों में हो रही मौतों और बच्चों के घायल होने की घटनाओं को लेकर दायर जनहित याचिकाओं पर कोर्ट आज सुनवाई करेगा। [Image showing a comparative chart of stray dog bite cases across major Indian states in 2025] न्यायालय इस बात पर विचार कर रहा है कि पशुओं के अधिकारों और मानवीय सुरक्षा के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। नगर निकायों की विफलता और कुत्तों के नसबंदी कार्यक्रम (ABC Rules) के प्रभावी कार्यान्वयन पर आज तीखी बहस होने की उम्मीद है। पीड़ित परिवारों ने कोर्ट से मुआवजे की नीति तय करने और प्रशासन की जवाबदेही तय करने की मांग की है। यह फैसला भविष्य में शहरी स्थानीय निकायों के कामकाज के लिए एक महत्वपूर्ण नजीर (Precedent) साबित हो सकता है।
तीसरा और सबसे चर्चित मामला लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पर लगाए गए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) को चुनौती देने वाली याचिका का है। वांगचुक को लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा और ‘छठी अनुसूची’ की मांग को लेकर किए गए शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के दौरान हिरासत में लिया गया था। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि वांगचुक पर NSA लगाना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में केंद्र सरकार और लद्दाख प्रशासन से जवाब मांग सकता है कि एक शांतिप्रिय कार्यकर्ता पर इतनी कठोर धारा लगाने का ठोस आधार क्या है। पूरे देश की निगाहें आज इस सुनवाई पर टिकी हैं, क्योंकि यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच की कानूनी सीमा को स्पष्ट करेगा।



