गाजियाबाद

सांसद चंद्रशेखर आजाद का गाजियाबाद दौरा: कार्यकर्ताओं में भरा जोश, कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरा

आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद आज गाजियाबाद पहुंचे, जहाँ पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया। गाजियाबाद के मधुबन बापूधाम और डासना क्षेत्रों में आयोजित जनसभाओं को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर ने आगामी स्थानीय चुनावों और संगठन की मजबूती पर जोर दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे दलित, पिछड़ा और अल्पसंख्यक समाज के हक की लड़ाई को जमीनी स्तर पर लड़ें। सांसद ने कहा कि गाजियाबाद जैसे औद्योगिक केंद्र में स्थानीय युवाओं को रोजगार न मिलना चिंताजनक है और उनकी पार्टी इस मुद्दे को संसद से लेकर सड़क तक उठाएगी। कार्यकर्ताओं के हुजूम ने “जय भीम” के नारों के साथ उनका अभिवादन किया, जिससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है।

दौरे के दौरान चंद्रशेखर आजाद ने उत्तर प्रदेश की वर्तमान कानून-व्यवस्था और हाल की घटनाओं पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने वर्धमानपुरम में हुई ‘थूक कांड’ जैसी घटनाओं और प्रदूषण के मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि प्रशासन को निष्पक्षता से काम करना चाहिए और समाज में भाईचारा बिगाड़ने वाली ताकतों पर लगाम लगानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बुनियादी समस्याओं जैसे महंगाई और बेरोजगारी से ध्यान भटकाने के लिए सांप्रदायिक मुद्दों को हवा दे रही है। चंद्रशेखर ने दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को “धीमा जहर” करार देते हुए केंद्र और राज्य सरकार दोनों की विफलता बताया। उन्होंने मांग की कि गाजियाबाद के औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण के कड़े मानक लागू किए जाएं ताकि आम जनता को राहत मिल सके।

अपने दौरे के अंतिम चरण में, सांसद चंद्रशेखर ने स्थानीय समाजसेवियों और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कड़ाके की ठंड और शीतलहर को देखते हुए प्रशासन से बेघर लोगों के लिए पर्याप्त रैन बसेरों और अलाव की व्यवस्था करने की अपील की। चंद्रशेखर ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी केवल चुनाव लड़ने के लिए नहीं, बल्कि वंचितों की आवाज बनने के लिए काम कर रही है। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में वे गाजियाबाद और आसपास के जिलों में बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेंगे। इस दौरे से न केवल पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा है, बल्कि स्थानीय राजनीतिक समीकरणों में भी बदलाव आने की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि चंद्रशेखर का प्रभाव युवाओं के बीच तेजी से बढ़ रहा है।

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