
*गॉडविन संस्थान समारोह मे राज्यपाल का संदेश, शिक्षा और प्राकृतिक खेती**
छपरौली
गुजरात एवं महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने गॉडविन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के रजत जयंती वर्ष के अंतर्गत आयोजित नवोन्मेष समारोह मे मुख्य अतिथि के रूप मे शामिल होकर शिक्षा, संस्कार और प्राकृतिक खेती पर जोर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ तथा उन्हे गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। विद्यार्थियो ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम को आकर्षक बनाया।
राज्यपाल ने संस्थान को 25 वर्ष पूरे होने पर बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा जीवन का सबसे बड़ा धन है। जो व्यक्ति और समाज के भविष्य को दिशा देता है। उन्होने अभिभावको से बेटा-बेटी मे भेदभाव न करने, बच्चो की गतिविधियो पर निगरानी रखने और उन्हे अच्छे संस्कार देने की अपील की। साथ ही युवाओ को नशे और सोशल मीडिया के दुष्प्रभावो से बचाने पर बल दिया।
उन्होने दोआब क्षेत्र की उर्वर भूमि का उल्लेख करते हुए किसानो को प्राकृतिक खेती अपनाने की सलाह दी। कहा कि रासायनिक उर्वरको के अत्यधिक प्रयोग से मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण दोनो प्रभावित हो रहे है। गन्ने जैसी एक ही फसल की लगातार खेती से भी भूमि मे पोषक तत्वो की कमी हो रही है।
राज्यपाल ने जीवामृत तैयार करने की विधि बताते हुए किसानो से अपनी जमीन के एक हिस्से पर प्राकृतिक खेती का प्रयोग शुरू करने का आह्वान किया। कार्यक्रम मे प्रगतिशील किसानो को सम्मानित किया गया। तथा संस्थान की शैक्षिक यात्रा का प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, संस्थान प्रबंधन और जिलाधिकारी अस्मिता लाल सहित प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।



