मुरादनगर में नकली दवा गिरोह का एक और सदस्य गिरफ्तार, दवाइयों के डिब्बे बनाने वाली डाई और भारी मात्रा में उपकरण बरामद
नकली दवाइयों के निर्माण और अवैध व्यापार के बड़े नेटवर्क के खिलाफ अपनी कार्रवाई

मनस्वी वाणी संवाददाता
मुरादनगर।थाना मुरादनगर पुलिस ने नकली दवाइयों के निर्माण और अवैध व्यापार के बड़े नेटवर्क के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखते हुए एक और महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में काफी समय से वांछित चल रहे अभियुक्त शकील, पुत्र अब्दुल शकूर, निवासी मेरठ को गिरफ्तार किया है। अभियुक्त के कब्जे से पुलिस ने नकली दवाइयों की डिब्बी और ढक्कन बनाने के सांचे (बड़ी डाई), छोटी डाई और 23 रोड्रिक डाई सहित भारी मात्रा में पंच बरामद किए हैं।
यह पूरा मामला इस वर्ष 3 जनवरी को प्रकाश में आया था, जब थाना मुरादनगर पर अभियुक्त मुकेश कुमार और उसके साथियों के विरुद्ध तहरीर दी गई थी। इन आरोपियों पर आरोप था कि वे ‘हिमालय वेलनेस’ जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड के नाम पर नकली दवाइयां बनाकर बाजार में बेच रहे थे। इस अवैध कारोबार के लिए फर्जी जीएसटी नंबर, नकली औषधि लाइसेंस और जालसाजीपूर्ण दस्तावेजों का सहारा लिया जा रहा था, जिससे जन स्वास्थ्य को गंभीर खतरा पैदा हो गया था। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए पूर्व में ही आठ अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन शकील तभी से फरार चल रहा था। एसीपी ने बताया कि पुलिस की पूछताछ में अभियुक्त शकील ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि वह इस गिरोह के लिए दवाइयों की डिब्बियां और ढक्कन बनाने वाली डाई तैयार करता था। जब इस मामले में मयंक अग्रवाल व अन्य आरोपी पकड़े गए और खबरें मीडिया में आने लगीं, तो वह पकड़े जाने के डर से इन उपकरणों को मुरादनगर में गंगनहर पटरी के पास झाड़ियों में छिपाकर मेरठ भाग गया था। वह इन उपकरणों को वापस लेने के लिए आया, तभी पुलिस टीम ने उसे धर दबोचा। पुलिस ने अभियुक्त के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं, औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम और कॉपीराइट एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।



