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होली से पहले बाजारों में खरीदारी का उफान, हाईटेक पिचकारियों की धूम

मनस्वी वाणी, संवाददाता
गाजियाबाद। होली की उलटी गिनती शुरू होते ही शहर की सड़कों पर त्योहार का रंग चढ़ने लगा है। शाम होते-होते बाजारों में भीड़, दुकानों पर चमकती रंग-बिरंगी पिचकारियां और अबीर-गुलाल की खुशबू माहौल को मेले जैसा बना रही है। खरीदारी के इस उत्साह में बच्चों से लेकर युवाओं तक हर उम्र के लोग त्योहार की तैयारी में जुटे नजर आ रहे हैं। यह बातें कारोबारियों और ग्राहकों के रुझानों से साफ झलक रही हैं।
होली नजदीक आते ही शहर के प्रमुख बाजारों में खरीदारी का सिलसिला तेज हो गया है। ा बाजारों में सुबह से देर रात तक ग्राहकों की आवाजाही बनी हुई है। दुकानों के बाहर सजी रंगों की थालियां और पिचकारियों की कतारें लोगों को अपनी ओर खींच रही हैं। परिवार के साथ आए लोग बच्चों की पसंद को ध्यान में रखकर खरीदारी कर रहे हैं, जबकि युवा वर्ग नए डिजाइन और दमदार पानी की धार वाली पिचकारियों की तलाश में जुटा है।
इस बार पारंपरिक पिचकारियों के साथ हथौड़ा, कुल्हाड़ी, तलवार और त्रिशूल जैसी आकृतियों में बनी पिचकारियां खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। सिनेमा से प्रेरित डिजाइन और हाईटेक नाम वाली पिचकारियों की मांग भी तेजी से बढ़ी है। दुकानदार दीपक के मुताबिक बच्चे ब्राह्मोसह्णऔर राफेल नाम सुनते ही उसी डिजाइन की पिचकारी लेने की जिद करने लगते हैं। इस बार ऐसे मॉडल सबसे ज्यादा बिक रहे हैं।
कीमतों की बात करें तो सौ से दो सौ रुपये तक की रेंज में छोटी पिचकारियां उपलब्ध हैं, जबकि बड़ी और हैवी पिचकारियां ढाई सौ रुपये से लेकर दो हजार रुपये तक में बिक रही हैं। ग्राहक रवि ने बताया कि बच्चों के लिए हल्की पिचकारी ली है और अपने दोस्तों के लिए बड़ी पिचकारी। बजट के हिसाब से काफी विकल्प मिल रहे हैं।

Sandeep Singhal

संदीप सिंघल गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वे लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए सामाजिक, प्रशासनिक एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ उठाते आ रहे हैं। उनकी लेखनी तथ्यात्मक, निर्भीक और जनभावनाओं को प्रतिबिंबित करने वाली मानी जाती है।

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