गाजियाबाद

गुलमोहर एन्क्लेव सोसाइटी की जर्जर लिफ्टों की शिकायत पहुंची जिलाधिकारी के दरबार

– सहायक निदेशक सुरक्षा को भी शिकायती पत्र भेजकर की कार्रवाई की मांग

  • – आरडब्ल्यूए ने अभी तक लिफ्ट एक्ट में नहीं कराया रजिस्ट्रेशन

गाजियाबाद। राकेश मार्ग स्थित गुलमोहर एन्क्लेव सोसाइटी में लगी लिफ्टों की दयनीय हालत को लेकर मामला अब जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंच गया है। स्थानीय निवासी गौरव बंसल ने जिलाधिकारी गाजियाबाद से मिलकर सोसायटी में लगी लिफ्टों से जुड़ी गंभीर समस्याओं से अवगत कराया तथा लिखित शिकायती पत्र सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की।

जानकारी के अनुसार, वर्षों पहले सोसायटी के विभिन्न टावरों में लगाई गई लिफ्टें अब काफी पुरानी और जर्जर हो चुकी हैं। आरोप है कि आरडब्ल्यूए द्वारा नई लिफ्ट लगाने के लिए निवासियों पर स्वयं खर्च वहन करने का दबाव बनाया जा रहा है। कुछ टावरों में लोगों ने अपने स्तर पर लिफ्ट बदलवाने की प्रक्रिया शुरू भी कर दी है, जबकि अधिकांश निवासी इसके लिए तैयार नहीं हैं।

निवासियों का आरोप है कि सोसायटी में रहने वाले लोगों से भारी-भरकम मेंटेनेंस शुल्क वसूला जाता है। वहीं लिफ्टों के रखरखाव के लिए ओटीएस कंपनी को हर महीने लाखों रुपये एमसी (मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट) के रूप में भुगतान किए जाने के बावजूद लिफ्टों की स्थिति लगातार खराब बनी हुई है। आए दिन लिफ्ट खराब होने और तकनीकी समस्याएं सामने आने से लोगों में भय और नाराजगी का माहौल है।

शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि लिफ्टों में सुरक्षा के लिए आवश्यक एआरडी सिस्टम तक उपलब्ध नहीं है तथा लिफ्टों का लिफ्ट एक्ट के तहत पंजीकरण भी नहीं कराया गया है। इसके अलावा लिफ्टों में लगे सीसीटीवी कैमरे और इंटरकॉम सिस्टम भी लंबे समय से खराब पड़े हैं। आरोप है कि आपात स्थिति में ये उपकरण काम नहीं करते, जिससे निवासियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। गौरव बंसल मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और इन सभी समस्याओं से संबंधित शिकायती पत्र सौंपा।

पत्र में एक स्थानीय निवासी के लिफ्ट दुर्घटना में घायल होने का भी उल्लेख किया गया है। साथ ही आरोप लगाया गया है कि शिकायत करने पर सोसायटी के सचिव द्वारा झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई।

गौरव बंसल ने बताया कि शिकायत की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, कमिश्नर, एओए सेल जीडीए, सहायक निदेशक सुरक्षा तथा आरडब्ल्यूए अध्यक्ष को भी भेजी गई है। उनका कहना है कि स्थानीय निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना आरडब्ल्यूए की जिम्मेदारी है और इस जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही लिफ्टों की स्थिति में सुधार के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए और भविष्य में किसी भी निवासी के साथ लिफ्ट में कोई अप्रिय घटना या दुर्घटना होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी आरडब्ल्यूए एवं शासन-प्रशासन की होगी। साथ ही उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वह इस मामले को मुख्यमंत्री दरबार तक भी ले जाएंगे।

Sandeep Singhal

संदीप सिंघल गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वे लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए सामाजिक, प्रशासनिक एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ उठाते आ रहे हैं। उनकी लेखनी तथ्यात्मक, निर्भीक और जनभावनाओं को प्रतिबिंबित करने वाली मानी जाती है।

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