उत्तर रेलवे ज़ोन की ऐतिहासिक उपलब्धियों और परिचालन उत्कृष्टता- महाप्रबंधक राजेश कुमार पांडे

उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजेश कुमार पांडे ने प्रधान कार्यालय बड़ौदा हाउस में एक प्रेस वार्ता प्रेस वार्ता में बताया कि
वित्तीय वर्ष 2025–26 के दौरान उत्तर रेलवे ज़ोन की ऐतिहासिक उपलब्धियों और परिचालन उत्कृष्टता को प्रस्तुत किया गया। मीडिया को संबोधित करते हुए महाप्रबंधक महोदय ने एक वर्ष का विवरण दिया, जो रिकॉर्ड तोड़ माल ढुलाई, महत्वपूर्ण अवसंरचना विस्तार और यात्री सुरक्षा व सुविधा में उल्लेखनीय सुधारों से परिभाषित रहा।
माल परिचालन
52.26 मिलियन टन की अब तक की सर्वाधिक वार्षिक मूल माल लोडिंग हासिल की, जिसमें 31 मार्च 2026 को 119 रेक लोड करने का एक दिन का रिकॉर्ड भी शामिल है। कार्गो सर्विस” निर्धारित मार्गों जैसे अन्नपूर्णा और निर्यात के माध्यम से लॉजिस्टिक्स में क्रांतिकारी बदलाव, जिससे खाद्यान्न और निर्यात कंटेनरों के ट्रांजिट समय में उल्लेखनीय कमी आई।कश्मीर घाटी में ऐतिहासिक उपलब्धि—पहली बार 14,869 टन सेब की रेल द्वारा ढुलाई तथा अनंतनाग गुड्स शेड का शुभारंभ।
*यात्री कोचिंग परिचालन*
35 जोड़ी नई ट्रेनों का आधुनिक बेड़ा शुरू किया, जिसमें 8 वंदे भारत और 14 अमृत भारत एक्सप्रेस शामिल हैं।त्योहारों और हवाई यात्रा बाधाओं के दौरान आपात राहत हेतु 5000+ विशेष ट्रेनें चलाकर भारी यात्री दबाव का सफल प्रबंधन किया।28–29 मार्च 2026 को नए यमुना ब्रिज के कमीशनिंग सहित प्रमुख अवसंरचना उपलब्धियाँ प्राप्त कीं।
*सिग्नल एवं दूरसंचार*
- सभी यात्री यार्डों से मैकेनिकल सिग्नलिंग का पूर्ण उन्मूलन तथा 52 लेवल क्रॉसिंग गेट्स का इंटरलॉकिंग रिकॉर्ड स्तर पर पूरा किया।
- 38 रूट किलोमीटर पर कवच सुरक्षा प्रणाली की तैनाती और 63.9 रूट किलोमीटर पर ऑटोमैटिक सिग्नलिंग लागू की।
- 321 स्टेशनों पर CCTV और 133 स्टेशनों पर PA सिस्टम स्थापित कर सुरक्षा व सूचना प्रणाली को सुदृढ़ किया।
*वाणिज्य विभाग*
- ₹12,006.73 करोड़ की कुल आय दर्ज की, जिसमें गैर-किराया राजस्व में 32.65% की वार्षिक वृद्धि हुई।
- RailOne ऐप के माध्यम से डिजिटल परिवर्तन, जिसमें टिकट बुकिंग 16.12 लाख से बढ़कर 133.33 लाख प्रति माह हो गई।
- सोनिक गुड्स शेड पर देश की पहली अंतिम मील डोर-टू-डोर लॉजिस्टिक्स सेवा शुरू की।
- *निर्माण विभाग* (Construction Department)
- 29.55 किमी देवबन्द–रुड़की नई लाइन और दौलतपुर चौक–करटोली खंड का संचालन शुरू किया।
- सुरक्षा और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी सुधार हेतु 42 रोड ओवर ब्रिज (ROB) और 122 RUBs/LHS पूरे किए।
- जलंधर छावनी जं. रेलवे स्टेशन का प्रमुख विकास कार्य पूरा किया तथा जम्मू तवी में कोचिंग टर्मिनल का विस्तार किया।
*इंजीनियरिंग विभाग*
- 792 ट्रैक किमी पर अब तक का सर्वाधिक डीप स्क्रीनिंग कार्य और 25,042 स्टील चैनल स्लीपर बदले।
- 59 मानवयुक्त लेवल क्रॉसिंग समाप्त किए और 431.49 किमी सुरक्षा फेंसिंग पूरी की।
- भारतीय रेलवे में पहली बार 3X मशीन को डायनामिक टैम्पिंग एक्सप्रेस में अपग्रेड किया।
*स्टोर्स एवं राजस्व
- ₹593.37 करोड़ का रिकॉर्ड स्क्रैप बिक्री राजस्व अर्जित कर रेलवे बोर्ड के लक्ष्य को पार किया।
- पहली स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस के लिए प्रीमियम बेडरोल पहल शुरू की, जिसमें नए BIS मानकों का उपयोग किया गया।
- फाइबर तकियों और लिनन के लिए BIS मानकों के माध्यम से स्वच्छता में सुधार किया।
*रेलवे सुरक्षा बल
ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत 528 अपराधियों को गिरफ्तार किया और ₹74.66 लाख से अधिक की चोरी गई रेलवे संपत्ति बरामद की। ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत 2,026 बच्चों को बचाया और ऑपरेशन आहट के तहत 54 बच्चों को तस्करों से मुक्त कराया।ऑपरेशन अमानत के तहत लगभग ₹7.82 करोड़ का खोया सामान बरामद कर 4,661 यात्रियों को लाभ पहुंचाया।
*यांत्रिक विभाग*
जींद–सोनीपत खंड पर 85 किमी/घंटा की गति से हाइड्रोजन ट्रेन परीक्षण पूरा किया और जींद हाइड्रोजन प्लांट को अंतिम रूप दिया। HOG योजना के माध्यम से ₹399 करोड़ का HSD तेल बचाया और 1.19 लाख टन कार्बन क्रेडिट अर्जित किए। 6,900 से अधिक कोचों में एरोसोल फायर सप्रेशन और 5,700+ वैगनों व कोचों में RFID टैग लगाए।
*विद्युत विभाग
- 2025–26 के दौरान एक दशक में पहली बार “मिशन जीरो SPAD” हासिल किया।
- 662 लोकोमोटिव में कवच प्रणाली स्थापित कर सुरक्षा तकनीक में अग्रणी भूमिका निभाई।
- 104 लोकोमोटिव में वॉटरलेस यूरिनल और स्टेशनों पर 20 नए लिफ्ट तथा 10 एस्केलेटर लगाकर सुविधाओं में सुधार किया।
- इस आयोजन का समापन कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए और उत्तर रेलवे को एक आधुनिक, कुशल और “आत्मनिर्भर” भारतीय परिवहन तंत्र की रीढ़ बनाने के दृष्टिकोण के साथ किया गया।



