उत्तर प्रदेशगाजियाबाद

उत्तर प्रदेश बेड एंड ब्रेकफास्ट व होमस्टे नीति-2025 लागू

उत्तर प्रदेश बेड एंड ब्रेकफास्ट व होमस्टे नीति-2025 लागू

पर्यटन विभाग ने शुरू की जागरूकता पहल
मनस्वी वाणी, संवाददाता

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने प्रदेश में आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने और स्थानीय संस्कृति, खानपान व रहन-सहन से परिचित कराने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे नीति-2025 लागू कर दी है। इस योजना के माध्यम से स्थानीय लोगों के लिए आय के नए अवसर भी सृजित होंगे।
पर्यटन विभाग के अनुसार प्रदेश भर के इच्छुक भवन स्वामियों और पेंइंग गेस्ट हाउस संचालकों को नई नीति के बारे में जागरूक करने और अधिक से अधिक पंजीकरण कराने के लिए अभियान शुरू किया गया है।
बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना के तहत भवन स्वामी स्वयं निवास किए बिना केयरटेकर के माध्यम से इकाई का संचालन कर सकता है या किसी भवन को न्यूनतम तीन वर्ष की लीज पर लेकर पंजीकरण कराया जा सकता है। वहीं होमस्टे नीति के अंतर्गत भवन स्वामी का स्वयं निवास करना अनिवार्य होगा और वह अपने नाम से ही पंजीकरण करा सकेगा। दोनों योजनाओं में भवन स्वामी या केयरटेकर के उपयोग वाले कमरों के अतिरिक्त न्यूनतम एक और अधिकतम छह कमरों का पंजीकरण कराया जा सकता है। सुविधाओं के आधार पर इन इकाइयों को गोल्ड और सिल्वर श्रेणी में विभाजित किया गया है। गोल्ड श्रेणी के लिए 3000 रुपये और सिल्वर श्रेणी के लिए 2000 रुपये का पंजीकरण शुल्क निर्धारित किया गया है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में होमस्टे के लिए अधिकतम छह कमरों या एक डारमेट्री (12 बेड) हेतु मात्र 100 रुपये का शुल्क तय किया गया है।
पंजीकरण के लिए आधार कार्ड या पासपोर्ट, पुलिस चरित्र प्रमाण पत्र, स्वामित्व अभिलेख, निवास प्रमाण पत्र और केयरटेकर का पहचान पत्र जैसे दस्तावेज अनिवार्य होंगे। आवेदन केवल आॅनलाइन माध्यम से किया जा सकेगा, जिसके लिए पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट संचालित है। पर्यटन अधिकारी सुरेश रावत ने बताया कि इच्छुक व्यक्ति अधिक जानकारी के लिए उनसे संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस नीति से पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय लोगों को रोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर भी प्राप्त होंगे।

Sandeep Singhal

संदीप सिंघल गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वे लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए सामाजिक, प्रशासनिक एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ उठाते आ रहे हैं। उनकी लेखनी तथ्यात्मक, निर्भीक और जनभावनाओं को प्रतिबिंबित करने वाली मानी जाती है।

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