
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने इस वर्ष पहली जुलाई से कक्षा नौवीं के विद्यार्थियों के लिए तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य कर दिया है। बोर्ड ने एक वक्तव्य में कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और राष्ट्रीय विद्यालय शिक्षा पाठ्यक्रम 2023 के अनुरूप इन तीन भाषाओं में से कम से कम दो भारतीय मूल की भाषाएँ होनी चाहिए।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने इस वर्ष पहली जुलाई से कक्षा नौवीं के विद्यार्थियों के लिए तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य कर दिया है। बोर्ड ने एक वक्तव्य में कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और राष्ट्रीय विद्यालय शिक्षा पाठ्यक्रम 2023 के अनुरूप इन तीन भाषाओं में से कम से कम दो भारतीय मूल की भाषाएँ होनी चाहिए।
सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि कक्षा दसवीं में तीसरी भाषा-आर-थ्री के लिए कोई बोर्ड परीक्षा नहीं होगी और आर-थ्री के लिए सारा मूल्यांकन पूरी तरह से विद्यालय आधारित और आंतरिक होगा। बोर्ड ने कहा कि आर-थ्री में विद्यार्थियों का प्रदर्शन सीबीएसई प्रमाणपत्र में विधिवत रूप से दर्शाया जाएगा। सीबीएसई ने यह भी सूचित किया कि आर-थ्री के कारण किसी भी विद्यार्थी को कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षा में बैठने से नहीं रोका जाएगा।



