
बोले- देर रात सीलिंग का आश्वासन मिलने के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई क्यों हुई, लोगों से संयम बनाए रखने की अपील
मनोज मिड्ढा
सहारनपुर। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर पार्षद एवं नगर निगम कार्यकारिणी सदस्य मंसूर बदर ने विरोध जताया है। प्रशासन ने उन्हें सुबह से ही हाउस अरेस्ट किए जाने की बात सामने आई है। उन्होंने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि देर रात अधिकारियों की ओर से मस्जिद को सील किए जाने का आश्वासन दिया गया था तो सुबह ध्वस्तीकरण की कार्रवाई क्यों की गई।
मंसूर बदर ने कहा कि मस्जिद कमेटी को उच्च न्यायालय जाने के लिए समय दिया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि देर रात अधिकारियों से हुई बातचीत में कार्रवाई को लेकर जो जानकारी दी गई, उसके बाद अचानक ध्वस्तीकरण किया जाना उचित नहीं था। उन्होंने इस दिन को सहारनपुर के इतिहास का काला दिन बताया।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब कानूनी विकल्प उपलब्ध थे तो उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का अवसर क्यों नहीं दिया गया। मंसूर बदर ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि मस्जिद कमेटी को उच्च न्यायालय से न्याय मिलेगा।
पार्षद ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और संयम व शांति बनाए रखें। उन्होंने कहा कि मामले को कानूनी तरीके से आगे बढ़ाया जाना चाहिए।



