
रात में सपा नेताओं को केवल सीलिंग की दी गई थी जानकारी, सुबह कई नेताओं और मुस्लिम नेताओं के हाउस अरेस्ट की भी सूचना
मनोज मिड्ढा
सहारनपुर। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को लेकर शुक्रवार रात से शुरू हुआ घटनाक्रम शनिवार सुबह प्रशासन की ध्वस्तीकरण कार्रवाई के साथ अचानक बदल गया। रात में जब मस्जिद को तोड़े जाने की चर्चाएं और अफवाहें तेजी से फैल रही थीं, उस समय समाजवादी पार्टी के नेताओं ने जिलाधिकारी से फोन पर संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी ली। नेताओं के अनुसार, उस समय उन्हें बताया गया था कि मस्जिद को केवल सील किया जा रहा है और उसे नुकसान पहुंचाने या ध्वस्त करने की कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। लेकिन सुबह दिन निकलते ही कलेक्ट्रेट परिसर में प्रशासन की ओर से निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई और मौके पर बुलडोजर पहुंच गया।
रात में प्रशासन से मिली जानकारी के आधार पर सपा नेताओं ने भी लोगों से धैर्य बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की थी। सपा विधायक उमर अली खान, विधायक आशु मलिक और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद सहित अन्य नेताओं ने जिलाधिकारी से फोन पर बातचीत कर स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया था। बताया गया कि प्रशासन की ओर से उन्हें केवल सीलिंग की कार्रवाई की जानकारी दी गई थी।

हालांकि, शनिवार सुबह स्थिति बदल गई। कलेक्ट्रेट परिसर में भारी पुलिस बल और सुरक्षा बल की मौजूदगी के बीच मस्जिद के निर्माण को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। कलेक्ट्रेट परिसर के पांचों गेट बंद किए जाने और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक की भी जानकारी सामने आई। कार्रवाई के दौरान परिसर को सुरक्षा घेरे में रखा गया।
इसी बीच जानकारी सामने आई कि प्रशासन ने सुबह दिन निकलते ही समाजवादी पार्टी से जुड़े कुछ पार्षदों, विधायकों, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं तथा कुछ मुस्लिम नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया। बताया गया कि इन नेताओं को कलेक्ट्रेट पहुंचने अथवा मौके पर जाने से रोकने के लिए उनके आवास पर पुलिस बल तैनात किया गया। हालांकि, हाउस अरेस्ट किए गए सभी लोगों की आधिकारिक सूची तत्काल सामने नहीं आई।
मस्जिद प्रकरण को लेकर शुक्रवार रात से ही शहर में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही थीं। सोशल मीडिया और आपसी बातचीत के माध्यम से मस्जिद तोड़े जाने की खबर तेजी से फैलने लगी थी। इसी के बाद राजनीतिक नेताओं ने प्रशासन से संपर्क किया था। रात में मिली जानकारी के बाद लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई, लेकिन सुबह ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू होने के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल बढ़ गई।
डीआईजी अभिषेक सिंह ने पत्रकारों को बताया कि कलेक्ट्रेट परिसर में एक अवैध मस्जिद का निर्माण किया गया था। उनके अनुसार, इस निर्माण के विरुद्ध नगर मजिस्ट्रेट, सहारनपुर की ओर से इसे हटाने के आदेश दिए गए थे। संबंधित पक्ष द्वारा आदेश के खिलाफ अदालत का रुख किया गया, लेकिन वहां से राहत नहीं मिली। इसी क्रम में प्रशासन द्वारा निर्माण हटाने की कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के मद्देनजर सहारनपुर में सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी कर दी गई थी। कलेक्ट्रेट परिसर में भारी पुलिस बल के साथ आरआरएफ और अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती की गई। शहर के संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले इलाकों में भी पुलिस की गश्त बढ़ाई गई तथा फुट पेट्रोलिंग और फ्लैग मार्च कराया गया।
मस्जिद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई और उससे पहले रात में दी गई सीलिंग की जानकारी को लेकर अब राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। सपा नेताओं और अन्य विपक्षी नेताओं की ओर से प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया और न्यायालय से संबंधित आदेशों के क्रम में की गई है।
पुलिस और प्रशासन की ओर से लोगों से शांति बनाए रखने तथा अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की गई है। अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के किसी भी प्रकार की सूचना या वीडियो प्रसारित करने से बचने को कहा है। फिलहाल कलेक्ट्रेट परिसर और शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात है तथा अधिकारी लगातार कानून-व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं।



