
गाजियाबाद। मसूरी उपखंड के अंतर्गत आने वाले डासना देहात बिजली घर के कर्मचारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई हैं,
जानकारी के अनुसार बता दें कि रात्रि करीब एक बजे गुल हुई बिजली, अगले दिन दोपहर दो बजे हुई बहाल; अनुभवहीन कर्मचारियों पर उठ रहे है सवाल। क्षेत्र में विद्युत विभाग की कथित लापरवाही के चलते लोगों को करीब 13 घंटे तक महिलाओं व बच्चों को भी भीषण बिजली संकट का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि रातभर बिजली गुल रहने के कारण पेयजल व्यवस्था प्रभावित रही। गर्मी और उमस के बीच लोगों की रात जागकर बीती। वहीं, घरेलू कार्यों के साथ-साथ छोटे व्यापारियों और अन्य उपभोक्ताओं को भी नुकसान उठाना पड़ा। ग्रामीणों और उपभोक्ताओं का आरोप है कि विभाग की ओर से समय पर फॉल्ट का पता लगाने और उसे दूर करने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए गए। लोगों का यह भी कहना है कि क्षेत्र में अनुभवहीन कर्मचारियों से कार्य कराया जा रहा है, जिसके कारण मामूली तकनीकी खराबी को ठीक करने में भी कई घंटे लग जाते हैं।
बिजली आपूर्ति बाधित रहने के दौरान उपभोक्ताओं ने कई बार विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इससे लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी और बढ़ गई। क्षेत्रवासियों ने विद्युत विभाग से मांग की है कि अनुभवी तकनीकी कर्मचारियों की तैनाती की जाए, शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा भविष्य में इस तरह के लंबे ब्लैक आउट की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था की जाए।
आंधी तूफान से हुई परेशानी
इस मामले में उपखंड अधिकारी अंकित कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि रात्रि में तेज आंधी और तूफान के कारण ट्रांसफार्मर में फाल्ट हो गया था। रात्रि में उन्हें सही करने का प्रयास किया गया. पर फॉल्ट सुबह अनुभवी कर्मचारियों के द्वारा फाल्ट को सही कराया गया है, जिस कारण विद्युत आपूर्ति वाधित रही थी, फिलहाल विद्युत आपूर्ति को बहाल कर दिया गया है और उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी का सामना अब नहीं करना पड़ेगा।



