
राशिद अली / मुरादनगर संवाददातI
सोने की बिक्री में गिरावट आई तो रोजगार पर संकट गहरा सकता
मुरादनगर। प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों से एक वर्ष तक सोना नहीं खरीदने की अपील किए जाने के बाद मुरादनगर के सर्राफा बाजार में बेचैनी का माहौल है। सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि पहले से ही महंगाई, बढ़ती लागत और बाजार में मंदी के कारण व्यापार प्रभावित चल रहा है, ऐसे में यदि लोगों ने सोने की खरीदारी कम कर दी तो इसका सीधा असर स्थानीय सर्राफा कारोबार पर पड़ेगा। सर्राफा व्यापारियों के अनुसार मुरादनगर में बड़ी संख्या में परिवारों की आजीविका सोने-चांदी के कारोबार से जुड़ी हुई है। केवल दुकानदार ही नहीं, बल्कि सुनार, कारीगर, पॉलिश करने वाले मजदूर और छोटे स्तर के व्यापारी भी इसी व्यवसाय पर निर्भर हैं।
सर्राफा व्यापारियों को आशंका है कि यदि सोने की बिक्री में गिरावट आई तो रोजगार संकट गहरा सकता है। व्यापारियों के अनुसार स्वर्णकार समाज पहले से ही आर्थिक मंदी की मार झेल रहा है और ऐसे समय में सोना नहीं खरीदने की अपील व्यापार के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है। व्यापारियों का कहना है कि भारतीय समाज में विवाह, त्योहार और पारिवारिक आयोजनों में सोने की खरीदारी परंपरा का हिस्सा रही है। ऐसे में बाजार की निगाह अब इस बात पर टिकी है कि आम लोगों पर इस अपील का कितना प्रभाव पड़ता है।
पहले से ही मंदी की मार झेल रहा सर्राफा व्यापारी: अजय वर्मा
युवा व्यापार मंडल के अध्यक्ष एवं नगर के ओलंपिक तिराहा स्थित माया जी ज्वैलर्स के सर्राफा व्यापारी अजय वर्मा ने कहा है कि देश के प्रधानमंत्री द्वारा एक साल तक सोना ना खरीदने की बात को लेकर समस्त सर्राफा बाजार के व्यापारी चिंतित हैं। पहले से ही मंदी की मार झेल रहा सर्राफा व्यापारी इस निर्णय से बहुत ज्यादा हैरान और परेशान है। यदि इस अपील का व्यापक असर हुआ तो सर्राफा व्यापारियों के सामने भारी आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।



