
निवाड़ी में गंगनहर पटरी पर पुलिस से भिड़े बदमाश, तीन पुलिसकर्मी घायल, दो साथी फरार
चोरी, लूट और गैंगस्टर एक्ट समेत 17 मुकदमों में था वांछित, चोरी की बाइक और दो पिस्टल बरामद
मनस्वी वाणी, संवाददाता
गाजियाबाद। निवाड़ी थाना क्षेत्र में पुलिस और बावरिया गिरोह के बदमाशों के बीच मुठभेड़ में एक लाख रुपये का इनामी बदमाश धर्मेंद्र उर्फ टिड्डी मारा गया। गोलीबारी के दौरान तीन पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, बदमाशों की ओर से की गई फायरिंग में तीनों पुलिसकर्मियों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोलियां लगीं। वहीं, जवाबी कार्रवाई में धर्मेंद्र को गोली लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ के दौरान उसके दो साथी फरार हो गए, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें जुटी हैं।
पुलिस के मुताबिक, धर्मेंद्र पर गाजियाबाद पुलिस की ओर से 50 हजार और मेरठ पुलिस की ओर से 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। क्राइम ब्रांच की आॅपरेशन टीम को सूचना मिली थी कि वह अपने साथियों के साथ निवाड़ी क्षेत्र में गंगनहर पटरी से होकर गुजरने वाला है। सूचना के आधार पर पुलिस ने मेरठ जाने वाले रास्ते के सामने घेराबंदी की।
बाइक फिसलने के बाद बदमाशों ने की फायरिंग

पुलिस के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब छह बजे गाजियाबाद की ओर से एक बाइक पर तीन लोग आते दिखाई दिए। पुलिस टीम ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो वे बाइक मोड़कर गंगनहर पटरी की ओर भागने लगे। कुछ दूरी पर कच्चे रास्ते पर बाइक फिसलने से तीनों गिर गए। इसके बाद बदमाशों ने पेड़ों की आड़ लेकर पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान धर्मेंद्र गोली लगने से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ में घायल पुलिसकर्मियों को भी उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
तीन पुलिसकर्मियों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी गोलियां
मुठभेड़ के दौरान हेड कांस्टेबल अमित कुमार, विनीत कुमार और वरुण सिंह की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोलियां लगीं। वहीं, क्राइम ब्रांच की आॅपरेशन टीम के प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार के कान के पास से भी एक गोली निकल गई। पुलिसकर्मियों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
चोरी, लूट और गैंगस्टर एक्ट समेत 17 मुकदमे दर्ज
पुलिस के अनुसार, धर्मेंद्र उर्फ टिड्डी मूल रूप से अमरोहा जिले के आदमपुर थाना क्षेत्र के बुरावली गांव का रहने वाला था। वर्तमान में वह लोनी क्षेत्र के निठौरा रोड स्थित गोपाल फार्म हाउस के पते पर रह रहा था। उसका नाम बागपत के खेकड़ा क्षेत्र में नवंबर 2024 और जून 2025 में हुई चोरी की घटनाओं की जांच में सामने आया था। इसके अलावा जून 2025 में गाजियाबाद के मसूरी क्षेत्र में घर में घुसकर लूट की कोशिश, मारपीट और चाकू से जानलेवा हमला करने के मामले में भी वह वांछित था। पुलिस के मुताबिक, धर्मेंद्र के खिलाफ मुजफ्फरनगर, शामली और गाजियाबाद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में चोरी, लूट और अन्य आपराधिक मामलों के साथ गैंगस्टर एक्ट के तहत कुल 17 मुकदमे दर्ज थे। वर्ष 2019 में भी शामली और गाजियाबाद में उस पर इनाम घोषित किया गया था। उस समय पुलिस मुठभेड़ में पैर में गोली लगने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया था।
दो पिस्टल, कारतूस और चोरी की बाइक बरामद
पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से .32 बोर की दो अवैध पिस्टल, दो मैगजीन, तीन जिंदा कारतूस और 12 खोखे बरामद किए हैं। इसके अलावा .315 बोर के दो जिंदा कारतूस और तीन खोखे भी मिले हैं। मौके से बिना नंबर प्लेट की काली स्प्लेंडर बाइक और 2,250 रुपये नकद भी बरामद हुए। पुलिस के अनुसार, बाइक दिल्ली से चोरी की गई थी। मुठभेड़ के बाद फरार हुए दोनों बदमाशों की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


