राष्ट्रीय

भारत और दक्षिण कोरिया के बीच चार समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर, सहयोग को नई दिशा

भारत और दक्षिण कोरिया ने आज खेल, सांस्कृतिक और रचनात्मक उद्योगों, लघु और मध्यम उद्यमों के क्षेत्र में सहयोग और औद्योगिक सहयोग समिति की स्थापना के लिए  समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए। दोनों पक्षों ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते और भारत-कोरिया डिजिटल सेतु के ढांचे को उन्नत बनाने संबंधी वार्ता फिर से शुरू करने पर संयुक्त घोषणापत्र का भी आदान-प्रदान किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग के बीच आज नई दिल्ली में बातचीत के बाद ये समझौते किए गए।

प्रेस वक्‍तव्‍य में, श्री मोदी ने कहा कि वैश्विक तनाव के इस दौर में, भारत और कोरिया मिलकर शांति और स्थिरता का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि साझा प्रयासों के माध्यम से, भारत और कोरिया एक शांतिपूर्ण, प्रगतिशील और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में योगदान देना जारी रखेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज, दोनों राष्ट्र अगले दशक की सफलता की कहानियों की नींव रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि ए आई , सेमीकंडक्टर और सूचना प्रौद्योगिकी में साझेदारी को और मजबूत करने के लिए, भारत-कोरिया डिजिटल सेतु की शुरुआत की जा रही है। श्री मोदी ने कहा कि भारत और कोरिया भरोसेमंद साझेदारी को भविष्योन्मुखी साझेदारी में बदल रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष चिप्स से लेकर जहाजों तक, प्रतिभा से लेकर प्रौद्योगिकी तक, और मनोरंजन से लेकर ऊर्जा तक, हर क्षेत्र में सहयोग के नए अवसर तलाशेंगे। प्रधानमंत्री ने कोरिया के अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन और हिंद-प्रशांत महासागर पहल में शामिल होने पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कोरिया के राष्ट्रपति की भारत यात्रा आठ वर्षों के बाद हो रही है और इसका विशेष महत्व है। श्री मोदी ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्य, बाजार अर्थव्यवस्था और कानून के शासन के प्रति सम्मान दोनों देशों के डीएनए में समाहित हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र के संबंध में भी एक समान दृष्टिकोण रखते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और कोरिया के सांस्कृतिक संबंध हजारों वर्षों पुराने हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या की राजकुमारी सुरिरत्ना और कोरिया के राजा किम-सुरो की दो हजार साल पुरानी कहानी हमारी साझा विरासत का हिस्सा है। श्री मोदी ने कहा कि आज भारत में के-पॉप और के-ड्रामा बेहद लोकप्रिय हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह कोरिया में भी भारतीय सिनेमा और संस्कृति को पहचान मिल रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और कोरिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार 27 अरब डॉलर तक पहुंच गया है और आज दोनों देशों ने 2030 तक इसे बढ़ाकर 50 अरब डॉलर करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने अपने बयान में कहा कि भारत वैश्विक दक्षिण में एक अग्रणी देश के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि दोनों देश रक्षा, ए आई और जहाज निर्माण के क्षेत्र में सहयोग का विस्तार करेंगे। श्री ली ने कहा कि उन्होंने और श्री मोदी ने मध्य पूर्व में घटित हालिया घटनाओं पर विचार-विमर्श किया और इस बात पर सहमति व्यक्त की कि मध्य पूर्व में स्थिरता और शांति बहाल करना वैश्विक सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अनिश्चितता के इस दौर में, भारत और कोरिया आपसी विकास और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए व्यापक सहयोग हेतु सबसे आदर्श साझेदार हो सकते हैं।

Admin

दैनिक समाचार पत्र मनस्वी वाणी‘जो राजधानी दिल्ली, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश—इन तीन राज्यों से एक साथ प्रकाशित होता है’ पिछले दस वर्षों से पाठकों की पसंद और विश्वास के साथ निरंतर प्रकाशित हो रहा है। इस समाचार पत्र ने अपने निष्पक्ष समाचार, सामाजिक सरोकारों और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता देकर पाठकों के बीच एक विशेष पहचान बनाई है I

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button