नई दिल्लीव्यापार

“उद्योग, विनिर्माण एवं लघु उद्योगों को सशक्त करने वाला बजट”

केंद्रीय बजट 2025–26 पर आज प्रस्तुत केंद्रीय बजट पर औद्योगिक क्षेत्र की प्रतिक्रिया और दिल्ली मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन का आधिकारिक वक्तव्य -डॉ. अनिल गुप्ता

केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2025–26 ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत की आर्थिक प्रगति की धुरी विनिर्माण उद्योग एवं सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) ही हैं। दिल्ली मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन इस बजट का स्वागत करती है और इसे उद्योग जगत के लिए विश्वास, स्थिरता और दीर्घकालिक विकास का बजट मानती है।

एसोसिएशन के चेयरमैन डॉ. अनिल गुप्ता ने कहा कि इस बजट में एमएसएमई क्षेत्र को केवल सहायता प्राप्त करने वाला नहीं, बल्कि राष्ट्रीय विकास का सक्रिय भागीदार माना गया है। ₹10,000 करोड़ के समर्पित एमएसएमई विकास कोष की घोषणा से उद्योगों को इक्विटी आधारित विस्तार पूंजी उपलब्ध होगी, जो नए निवेश और रोजगार सृजन को गति देगी। इसके साथ ही स्वावलंबी भारत कोष में ₹2,000 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान विकासशील उद्योगों को मिश्रित वित्तीय सहायता प्रदान करेगा।

डॉ. गुप्ता ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा एमएसएमई से की जाने वाली खरीद को व्यापार देय रसीद छूट प्रणाली (टी-रेड्स) मंच पर अनिवार्य करना, समय पर भुगतान सुनिश्चित करेगा। साथ ही ऋण गारंटी न्यास योजना के अंतर्गत बिना संपार्श्विक कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराना एमएसएमई क्षेत्र के लिए बड़ी राहत है।

एसोसिएशन के महासचिव विनीत जैन ने कहा कि GEM और टी-रेड्स के एकीकरण से ऑर्डर से भुगतान तक एक पारदर्शी और तेज़ डिजिटल प्रक्रिया बनेगी। द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के शहरों में प्रस्तावित “कॉरपोरेट मित्र” पहल से अनुपालन लागत कम होगी और छोटे उद्योगों को सस्ती पेशेवर सहायता मिलेगी।

उन्होंने आगे कहा कि कई औद्योगिक कच्चे माल और पुर्ज़ों पर आयात शुल्क में राहत से उत्पादन लागत घटेगी। 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टरों के पुनर्जीवन की योजना से स्थानीय उद्योगों को नई ऊर्जा मिलेगी। निर्यात उन्मुख एमएसएमई के लिए शुल्क राहत और समयसीमा विस्तार से कार्यशील पूंजी पर दबाव कम होगा।

सेवा क्षेत्र के लघु उद्योगों के लिए देखभाल अर्थव्यवस्था, चिकित्सा मूल्य पर्यटन, एवीजीसी (एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स), डिज़ाइन तथा पर्यटन जैसे क्षेत्रों में नए अवसर खुलेंगे, जिससे रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।

दिल्ली मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन का मानना है कि यदि बजट की घोषणाओं को समयबद्ध और प्रभावी रूप से लागू किया गया, तो यह बजट भारत को उत्पादन, रोजगार और निर्यात के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा। एसोसिएशन केंद्र सरकार को इस उद्योग-हितैषी और एमएसएमई-केंद्रित बजट के लिए हार्दिक धन्यवाद देती है।

Sandeep Singhal

संदीप सिंघल गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वे लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए सामाजिक, प्रशासनिक एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ उठाते आ रहे हैं। उनकी लेखनी तथ्यात्मक, निर्भीक और जनभावनाओं को प्रतिबिंबित करने वाली मानी जाती है।

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