
स्कूल परिसर में घुसा वन्यजीव
वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर, बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूल में छुट्टी घोषित
मनस्वी वाणी, संवाददाता
गाजियाबाद। गोविंदपुरम क्षेत्र में बुधवार सुबह तेंदुआ देखे जाने से इलाके में हड़कंप मच गया। तेंदुआ जी-ब्लॉक स्थित ग्रीनफील्ड सीनियर सेकेंडरी स्कूल के परिसर में देखा गया, जिसके बाद स्कूल प्रशासन, पुलिस और वन विभाग में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार सुबह करीब 7 बजे स्कूल के गार्ड ने परिसर में तेंदुए को घूमते हुए देखा। गार्ड ने तत्काल स्कूल प्रबंधन और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कवि नगर थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र को घेराबंदी कर सुरक्षित किया। साथ ही वन विभाग को भी सूचित किया गया, जिसके बाद वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंचकर तेंदुए को पकड़ने के प्रयास में जुट गई।

स्कूल के प्रबंधक पृथ्वी सिंह कसाना ने बताया कि तेंदुआ देखे जाने की सूचना मिलते ही एहतियातन स्कूल में अवकाश घोषित कर दिया गया, जिससे कोई भी छात्र स्कूल नहीं आया और किसी प्रकार की अनहोनी से बचाव हो सका। वन विभाग के कर्मचारी स्कूल परिसर में जाल लगाकर तेंदुए को सुरक्षित पकड़ने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस और वन विभाग की टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आसपास के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। सूचना पर एसीपी कविनगर सूर्यबली मौर्य पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और एनडीआरएफ रोड पर बेरिकेटिंग लगाकर रूट डायवर्ट कराया। वन विभाग की टीम ने तेंदुए को पकड़ने के लिए जाल लगाया है।

पहले भी कई स्थानों पर दिख चुका तेंदुआ
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी राजनगर स्थित इंग्राहम इंस्टीट्यूट में तेंदुआ देखे जाने की घटना सामने आ चुकी है। कोरोना काल के दौरान भी जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में तेंदुए की मौजूदगी की घटनाएं सामने आई थीं। इस घटना के बाद गोविंदपुरम और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल है, वहीं प्रशासन द्वारा लोगों से घरों में रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है।
क्या कहते है एसीपी कविनगर
एसीपी कविनगर सूर्यबली मौर्य ने बताया कि एनडीआरएफ रोड पर तेंदुआ मंगलवार की रात भी सीसीटीवी में कैद हुआ है। सुबह छह बजे ग्रीन फील्ड स्कूल परिसर में घुस आया और कुछ देर बाद दीवार फांदकर भाग गया। सुरक्षाकर्मी ने तेंदुआ को स्कूल में देख लिया। जिसके बाद बुधवार को आयोजित कक्षा 11वीं की परीक्षा निरस्त कर दी गई और अभिभावकों को मैसेज भेजकर बच्चों को स्कूल न भेजने की अपील की गई। ऐसे में बड़ा हादसा होने से टल गया।



