
राजनगर में हिन्दू सम्मेलन में पहुंचे हजारों लोग,भ्रष्टाचारियों को हो घुसपैठियों से कड़ी सजा,मोबाइल की लत कोरोना से ज्यादा घातक
गाजियाबाद। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100वें वर्ष के उपलक्ष्य में जगह जगह हिन्दू सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है। उसी श्रृंखला में राजनगर में सकल हिन्दू समाज की ओर से हिन्दू सम्मेलन का आयोजन सेक्टर 3 के पार्क में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय थे।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अश्विनी उपाध्याय ने हिन्दू समाज के सामने खड़ी कई चुनौतियों का उल्लेख करते हुए लव जिहाद, लैण्ड जिहाद, धर्मांतरण, भ्रष्टाचार आदि को देश की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया। उन्होंने विश्व के कुछ देशों का उल्लेख करते हुए कहा कि वह आजादी के बाद पूरी तरह आजाद हो गये। उन्होंने अपने इतिहास में कभी गुलामी का जिक्र भी नहीं किया। हमारे देश में गुलामी के इतिहास का महिमा मंडन किया जाता रहा है। इस व्यवस्था को बदलने के लिए सबसे पहले गुलामी के नाम, पहचान, चिन्ह आदि को बदलना होगा।

गाजियाबाद की कई घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने धर्मान्तरण पर कड़ी चोट की तथा अभिभावकों से सावधान रहने का आग्रह किया। संविधान में निहित कुछ कानूनों का जिक्र करते हुए कहा कि उनमें अपराध का जिक्र तो है लेकिन लव जिहाद, धर्मांतरण जैसे अपराधों के लिए सजा का कोई उल्लेख नहीं है। मुगल और अंग्रेज यहां सत्ता के लिए नहीं धर्मांतरण के लिए आए थे। उपाध्याय जी ने आह्वान किया कि दल की गुलामी को छोड़कर अपने जनप्रतिनिधियों को जगाइए और उनसे कहिए कि हिंदू समाज के समक्ष खड़ी चुनौतियों को लेकर वो संसद और राज्य सभा, विधानसभा में आवाज उठाएं। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी निशाना साधा और कहा कि आज बच्चे और बड़े सभी मोबाइल की लत के शिकार हो गए हैं, यह बीमारी कोरोना से भी ज्यादा खतरनाक है।इसकी रोकथाम के लिए भी कड़े कानून होना चाहिए। इससे न सिर्फ मानसिक बल्कि शारीरिक बीमारियां भी बढ़ रही हैं। कुल मिलाकर हम विकास नहीं बल्कि विनाश की ओर जा रहे हैं।
उन्होंने घुसपैठियों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार करके उन्हें भारत का नागरिक बनाने वाले दस्तावेज तैयार करने वालों को घुसपैठियों से ज्यादा कड़ी सजा मिलना चाहिए। उन्होंने तमाम बुराइयों से आजादी को लिए नारे भी लगवाए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी संतोषानंद महाराज ने आह्वान किया कि किसी भी विधर्मी को कोई काम न दें। हिन्दू समाज के लोगों से ही काम कराएं, भले ही वह ज्यादा पैसा ले रहा हो। हम किसी भी भाषा, किसी भी क्षेत्र के हों, हमें मिलजुल रहना होगा और संयुक्त रूप से मंदिरों अपनी पूजा नियमित रूप से करना चाहिए। हिन्दू सम्मेलन आयोजन समिति के अध्यक्ष केपी गुप्ता ने सभी का आभार व्यक्त किया।
इस मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर नागरिकों के कर्तव्य और जिम्मेदारियों को लेकर एक चित्र प्रदर्शनी लगाई गई थी, उसमें लव जिहाद से बचने के लिए भी जागरूकता का प्रयास भी किया गया था। स्कूली बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। महिलाओं ने वन्देमातरम् गीत प्रस्तुत किया। सरस्वती विद्या मंदिर के बच्चों की आपरेशन सिंदूर पर प्रस्तुति भी सराहनीय रही।
इस मौके पर सांसद अतुल गर्ग विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष केपी गुप्ता, सचिव संजय गर्ग, कोषाध्यक्ष विजय कुमार, पीके गुप्ता , स्थानीय पार्षद प्रवीन चौधरी, राज नगर रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सीए डीके गोयल, राज नगर रामलीला समिति के अध्यक्ष जय कुमार गुप्ता, राकेश चावला, किरन मक्कड़, गगन अरोड़ा, सौरभ गर्ग, देवेन्द्र हितकारी, राहुल गोयल, रेखा अग्रवाल, ममता गुप्ता, धुरेन्द्र कुमार गोयल, अलका गोयल , अमरीश कुमार त्यागी, जेपी राणा, किरन मक्कड़ , पूर्व मेयर आशु वर्मा, राजीव मोहन गुप्ता, मोती लाल गर्ग, श्रद्धा नंद शर्मा, डॉ आर के पोद्दार, डॉ मधु पोद्दार, राकेश छारिया, विनोद गोयल , भानु शिशौदिया, आचार्य सुदर्शन देव, वर्चस्व त्यागी, मोनिया चौधरी, आशा अग्रवाल, एस एन अग्रवाल, उर्मिला ढाका, श्वेता चावला उषा गुप्ता, विजय लुम्बा ,अनिल गुप्ता, ओमप्रकाश भोला, पंकज भारद्वाज सहित हजारों लोग उपस्थित रहे।



