
बीईएस कॉलेज में जागरूकता अभियान, 500 से अधिक छात्रों ने लिया भाग
गाजियाबाद। जनपद को नशा मुक्त और अवैध हथियारों से मुक्त बनाने के उद्देश्य से कमिश्नरेट पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान ह्यआॅपरेशन प्रहारह्ण के तहत बुधवार को एबीईएस इंजीनियरिंग कॉलेज में एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों और अवैध गतिविधियों के खतरों के प्रति जागरूक करना था, ताकि वे एक सुरक्षित और जिम्मेदार समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकें।
कार्यक्रम का नेतृत्व एसीपी वेव सिटी प्रियाश्री पाल और क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना प्रभारी सरिता मलिक ने किया, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में एडिशनल पुलिस कमिश्नर कानून-व्यवस्था एवं यातायात राज करन नैय्यर तथा डीसीपी सिटी धवल जायसवाल उपस्थित रहे। कार्यक्रम में 500 से अधिक छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विभिन्न गतिविधियों में अपनी भागीदारी दर्ज कराई। एडिशनल पुलिस कमिश्नर राज करन नैय्यर ने छात्रों को नशे और अवैध हथियारों से दूर रहने की सलाह देते हुए कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि उसके भविष्य को भी अंधकारमय बना देता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाएं और समाज के विकास में योगदान दें। उन्होंने यह भी कहा कि अवैध हथियारों का चलन समाज में हिंसा और अपराध को बढ़ावा देता है, जिससे सामाजिक ताना-बाना कमजोर होता है।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि किस प्रकार नशे की लत व्यक्ति, परिवार और समाज के लिए घातक साबित होती है। साथ ही उन्होंने बताया कि गाजियाबाद पुलिस लगातार नशे के कारोबारियों और अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है और आॅपरेशन प्रहार इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस जागरूकता कार्यक्रम का विशेष आकर्षण नुक्कड़ नाटक रहा, जिसमें कलाकारों ने प्रभावशाली अभिनय के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों और अवैध हथियारों के खतरों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति ने छात्रों पर गहरा प्रभाव छोड़ा और उन्हें सोचने पर मजबूर किया कि कैसे गलत रास्ता उनकी जिंदगी को बर्बाद कर सकता है। इसके अलावा कार्यक्रम में पेंटिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने नशा मुक्त समाज के विषय पर अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के विजेताओं को एडिशनल पुलिस कमिश्नर द्वारा सम्मानित किया गया, जिससे छात्रों में उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ा। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पुलिस अधिकारियों से विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका अधिकारियों ने विस्तार से उत्तर दिया। इस संवादात्मक सत्र ने छात्रों को अपनी शंकाओं को दूर करने और सही दिशा में सोचने का अवसर प्रदान किया।



