
नई दिल्ली: सरकार ने बीमा सेक्टर में 100 प्रतिशत एफडीआई को ‘ऑटोमैटिक रूट’ से मंजूरी दी है। इससे निवेश बढ़ने, प्रतिस्पर्धा मजबूत होने और बीमा कवरेज विस्तार की उम्मीद है, जबकि कुछ नियम लागू रहेंगे।
बीमा सेक्टर में बड़ा बदलाव करते हुए केंद्र सरकार ने ‘ऑटोमैटिक रूट’ के तहत 100 प्रतिशत एफडीआई को अधिसूचित कर दिया है। इस फैसले से विदेशी निवेशकों के लिए बीमा क्षेत्र में निवेश का रास्ता पूरी तरह खुल गया है। हालांकि निवेश भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) की मंजूरी और Insurance Act 1938 के प्रावधानों के तहत ही होगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारतीय जीवन बीमा निगम LIC में एफडीआई की सीमा 20 प्रतिशत तक ही रहेगी और यह अपने अलग कानूनी ढांचे के तहत काम करता रहेगा। नई अधिसूचना के मुताबिक, विदेशी निवेश वाली बीमा कंपनियों में शीर्ष प्रबंधन में कम से कम एक भारतीय नागरिक और निवासी होना अनिवार्य होगा।
इसके साथ ही बीमा ब्रोकर, रीइंश्योरेंस ब्रोकर और अन्य मध्यस्थों में भी 100 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति दी गई है। सरकार का मानना है कि इस कदम से बीमा क्षेत्र में पूंजी निवेश बढ़ेगा, प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और देश में बीमा कवरेज का विस्तार होगा।
उल्लेखनीय है कि फरवरी में, उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग ने बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति देने की अधिसूचना जारी की थी, जो दिसंबर 2025 में संसद द्वारा अनुमोदित विधायी परिवर्तनों के अनुरूप थी।



