गाजियाबाद

गाजियाबाद का नाम ‘महाराजा अग्रसेन नगर’ करने की मांग

लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने प्रेसवार्ता में उठाया मुद्दा, मुख्यमंत्री को भेजा प्रस्ताव
मनस्वी वाणी, संवाददाता

गाजियाबाद। जनपद का नाम बदलकर महाराजा अग्रसेन नगर किए जाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने रूपचंद नागर के साथ एक स्थानीय रेस्टोरेंट में आयोजित प्रेसवार्ता में यह मांग उठाते हुए प्रदेश सरकार से इस दिशा में शीघ्र निर्णय लेने की अपील की।
विधायक ने कहा कि गाजियाबाद का वर्तमान नाम मुगलकालीन शासक गाजीउद्दीन के नाम पर रखा गया था, जिसे उन्होंने सांस्कृतिक दृष्टि से अनुपयुक्त बताते हुए बदलने की आवश्यकता जताई। उनका कहना था कि स्वतंत्रता के दशकों बाद भी देश में कई स्थानों पर ऐसे नाम प्रचलित हैं, जो गुलामी के प्रतीक माने जाते हैं और जनभावनाओं के अनुरूप नहीं हैं।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में सिविल सोसाइटी द्वारा इलाहाबाद उच्च न्यायालय में जनहित याचिका भी दायर की गई थी, जिसमें न्यायालय ने इसे शासन-नीति का विषय मानते हुए निर्णय सरकार पर छोड़ दिया था। विधायक ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर जनपद का नाम बदलने की मांग को औपचारिक रूप से रखा है।
नंदकिशोर गुर्जर ने कहा कि गाजियाबाद का ऐतिहासिक संबंध महाराजा अग्रसेन से रहा है, जिनकी राजधानी अग्रोहा थी। उन्होंने बताया कि अग्रसेन वंश के लोगों ने इतिहास में अनेक महत्वपूर्ण योगदान दिए, जिनमें छत्रपति शिवाजी महाराज के समय सहयोग तथा महाराणा प्रताप को भामाशाह द्वारा दी गई सहायता जैसे उदाहरण शामिल हैं।
विधायक ने कहा कि जनभावनाओं और ऐतिहासिक तथ्यों को ध्यान में रखते हुए गाजियाबाद का नाम महाराजा अग्रसेन नगर किया जाना चाहिए, जिससे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को नया आयाम मिलेगा और लोगों में अपने गौरवशाली इतिहास के प्रति गर्व की भावना और मजबूत होगी। प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार ने पूर्व में कई स्थानों के नाम बदलकर उन्हें उनकी ऐतिहासिक पहचान लौटाने का कार्य किया है, ऐसे में गाजियाबाद के मामले में भी सकारात्मक निर्णय की उम्मीद है।

Sandeep Singhal

संदीप सिंघल गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वे लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए सामाजिक, प्रशासनिक एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ उठाते आ रहे हैं। उनकी लेखनी तथ्यात्मक, निर्भीक और जनभावनाओं को प्रतिबिंबित करने वाली मानी जाती है।

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