
आगरा – हेड एंड नेक की सर्जरी काफी जटिल मानी जाती है, क्योंकि इस हिस्से में बोलने, निगलने और सांस लेने जैसे महत्वपूर्ण अंग होते हैं। ऐसे में आधुनिक रोबोटिक सर्जरी मरीजों के लिए इलाज का एक बेहतर विकल्प बनकर सामने आ रही है। यह तकनीक सर्जरी को अधिक सटीक बनाने के साथ-साथ आसपास के स्वस्थ ऊतकों को कम नुकसान पहुंचाती है, जिससे मरीज की रिकवरी भी तेजी से हो सकती है।
मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, शालीमार बाग के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर एवं यूनिट हेड , डॉ. अनादी पचौरी बताते हैं, “रोबोटिक सर्जरी में रोबोट अपने आप ऑपरेशन नहीं करता, बल्कि पूरा नियंत्रण सर्जन के हाथ में होता है। यह तकनीक सर्जन को शरीर के उन हिस्सों तक भी आसानी से पहुंचने में मदद करती है, जहां सामान्य सर्जरी करना मुश्किल होता है। इससे ऑपरेशन अधिक सटीक तरीके से किया जा सकता है।”
रोबोटिक सर्जरी का उपयोग मुंह, गले, जीभ के पिछले हिस्से और वॉयस बॉक्स में होने वाले कुछ कैंसर के इलाज में किया जाता है। इस तकनीक की मदद से कई मामलों में बड़े चीरे लगाने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे ऑपरेशन के बाद दर्द कम हो सकता है, खून कम बहता है और शरीर पर निशान भी कम दिखाई देते हैं।
डॉ. पचौरी आगे कहते हैं, “इस तकनीक का सबसे बड़ा लाभ यह है कि बोलने और निगलने जैसी जरूरी शारीरिक क्षमताओं को बेहतर तरीके से सुरक्षित रखने की कोशिश की जा सकती है। कई मरीजों को अस्पताल में कम समय तक रहना पड़ता है और वे अपेक्षाकृत जल्दी अपनी सामान्य दिनचर्या में लौट सकते हैं।”



