
भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की अध्यक्ष बेगम खालिदा जिया के निधन पर गहरा दुख प्रकट किया। वे नई दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग पहुँचे, जहाँ उन्होंने दिवंगत नेता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक पुस्तिका (Condolence Book) पर हस्ताक्षर किए। राजनाथ सिंह ने अपने संदेश में खालिदा जिया को एक कद्दावर नेता बताया, जिन्होंने अपने देश की राजनीति में एक अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच के संबंधों के इतिहास में उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा। इस दुख की घड़ी में भारत सरकार और देश की जनता बांग्लादेश के लोगों के साथ एकजुट खड़ी है।
खालिदा जिया के निधन से बांग्लादेश के राजनीतिक परिदृश्य में एक युग का अंत हो गया है। वे बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं और उन्होंने कई बार देश का नेतृत्व किया। रक्षा मंत्री ने उनके परिवार और समर्थकों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि उनका जाना पूरे दक्षिण एशिया के लिए एक बड़ी क्षति है। राजनयिक गलियारों में उनकी पहचान एक ऐसी नेत्री के रूप में थी जिन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे और लोकतंत्र की मजबूती के लिए संघर्ष किया। बांग्लादेश उच्चायोग में आयोजित इस शोक कार्यक्रम में कई अन्य देशों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए, जो उनके वैश्विक प्रभाव को दर्शाता है।
भारत और बांग्लादेश के बीच प्रगाढ़ और ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित करते हुए, राजनाथ सिंह ने कहा कि पड़ोसी देशों के बीच शांति और विकास ही हमारी साझा प्राथमिकता है। खालिदा जिया के कार्यकाल के दौरान दोनों देशों ने कई द्विपक्षीय मुद्दों पर संवाद किया था, जो आज के मजबूत रिश्तों की नींव का हिस्सा हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भी बांग्लादेशी नेतृत्व को संवेदना संदेश भेजे गए हैं, जिसमें इस कठिन समय में धैर्य बनाए रखने की प्रार्थना की गई है। भारत ने उम्मीद जताई है कि बांग्लादेश इस क्षति से उबरकर स्थिरता और प्रगति की राह पर निरंतर आगे बढ़ता रहेगा। यह भावुक पल दोनों देशों के बीच मानवीय संवेदनाओं और पड़ोसी धर्म की गहराई को प्रदर्शित करता है।



