भीषण शीतलहर का कहर: मेरठ और आसपास के जिलों में स्कूलों की छुट्टी, डीएम ने जारी किए सख्त आदेश

उत्तर प्रदेश। के मेरठ, बागपत और हापुड़ सहित आसपास के कई जिलों में कड़ाके की ठंड और ‘सीवियर कोल्ड डे’ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारियों ने स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। मेरठ के जिलाधिकारी (DM) ने कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों को फिलहाल बंद रखने का आदेश जारी किया है। यह निर्णय पिछले तीन दिनों से न्यूनतम तापमान में आई भारी गिरावट और सुबह के समय दृश्यता (Visibility) शून्य होने के कारण लिया गया है। प्रशासन का कहना है कि बर्फीली हवाओं और ठिठुरन के बीच बच्चों का सुबह स्कूल जाना उनके स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है, जिससे निमोनिया और सर्दी-जुकाम जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
प्रशासनिक आदेश के अनुसार, जिन स्कूलों में बोर्ड परीक्षाओं के कारण कक्षाएं संचालित करना अनिवार्य है, उनके समय में भी बदलाव किया गया है। अब कोई भी स्कूल सुबह 10:00 बजे से पहले नहीं खुलेगा। इसके साथ ही, स्कूलों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे क्लासरूम में हीटिंग की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करें और बच्चों को असेंबली (प्रार्थना सभा) के लिए खुले मैदान में खड़ा न करें। शिक्षा विभाग की टीमें लगातार निरीक्षण कर रही हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी शिक्षण संस्थान डीएम के आदेश का उल्लंघन न करे। उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और मान्यता रद्द करने की चेतावनी भी दी गई है।
इस छुट्टी से अभिभावकों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के कारण सुबह के समय स्कूल बस और वैन के साथ सड़क दुर्घटनाओं का डर बना रहता था। मौसम विभाग (IMD) की भविष्यवाणी के अनुसार, अगले 3-4 दिनों तक उत्तर भारत में ठंड से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है, बल्कि ‘विंटर इनवर्जन’ के कारण कोहरा और गहरा सकता है। ऐसे में छुट्टियों की अवधि को आगे भी बढ़ाया जा सकता है। स्थानीय स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों और बुजुर्गों को घरों के भीतर रहने और पौष्टिक गर्म भोजन का सेवन करने की सलाह दी है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से पढ़ाई जारी रखी जा सकती है ताकि पाठ्यक्रम में देरी न हो।



