टीएसटीपी के माध्यम से सीवरेज जल शोधन प्रक्रिया की आईआईटी रुड़की ने की सराहना
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में यह परियोजना सफलतापूर्वक

मनस्वी वाणी, संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम द्वारा सीवरेज के पानी को शोधित कर औद्योगिक उपयोग हेतु उपलब्ध कराने की पहल को आईआईटी रुड़की ने सराहा है। इंदिरापुरम स्थित 40 एमएलडी क्षमता वाले टीएसटीपी (टर्शियरी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) का निरीक्षण आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर ए.ए. काजमी एवं विशेषज्ञ टीम द्वारा किया गया, जहां उन्होंने जल शोधन की आधुनिक तकनीकी प्रक्रिया का बारीकी से अध्ययन किया।

निरीक्षण के दौरान बताया गया कि प्लांट में डीकैंटर के माध्यम से टीएसएस हटाने के बाद अल्ट्रा फिल्ट्रेशन व आरओ प्रक्रिया से पानी को औद्योगिक इकाइयों के उपयोग योग्य बनाया जाता है। शोधित जल की गुणवत्ता की नियमित जांच लैब में की जाती है। इस प्रक्रिया से साहिबाबाद क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों को स्वच्छ जल उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे भूगर्भ जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है।
आईआईटी रुड़की की टीम ने नगर निगम की पहल की प्रशंसा करते हुए इसे उत्तर प्रदेश का नोडल मॉडल प्लांट बनने की शुभकामनाएं दीं। मौके पर नगर निगम जलकल विभाग, जल निगम के अधिकारी तथा वीए टेक वाबैग के प्रोजेक्ट हेड अनुज त्रिपाठी उपस्थित रहे।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में यह परियोजना सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है। महाप्रबंधक जल कामाख्या प्रसाद आनंद एवं वीए टेक वाबैग के सीबीओ डॉ. कार्तिकेन की मॉनिटरिंग में प्लांट का संचालन किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता जल निगम अरुण प्रताप भी मौजूद रहे।



